करीब चार साल पहले बाढ़ के दौरान प्राथमिक विद्यालय
का भवन पानी में बहने से स्कूल का संचालन ग्राम पंचायत भवन में चल रहा था।
स्कूल के अतिरिक्त कक्ष बनवाने को पड़ी धनराशि 6.90 लाख दो दिन पहले दूसरे
स्कूल स्थानांतरित कर दी गई।
इस पर प्रधान ने शनिवार को पंचायत भवन में चल
रहे विद्यालय के कक्ष मेें ताला डाल दिया, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो
गई है। ग्राम प्रधान रामनारायण राजपूत ने कहा कि विभाग अपना विद्यालय
तैयार कर उसमें कक्षा चलाऐ। इस मामले में बीएसए बृजेश मिश्रा ने कहा कि वह
मामले की जांच कर कार्रवाई करेंगे।
क्षेत्र में चार वर्ष पूर्व आई गरुण
गंगा में बाढ़ से ग्राम गजरी का प्राथमिक विद्यालय पानी में बह गया था।
जिससे वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर स्कूल का संचालन पंचायत भवन में करा
दिया गया। इसके बाद ग्राम प्रधान राजपूत ने भवन निर्माण के लिए कई बार
प्रस्ताव पारित कराके शिक्षा विभाग को दिए।
इसके बाद दो अतिरिक्त कक्षा
कक्ष के लिए विभाग से करीब 6.90 लाख रुपये का बजट भी आवंटित कर दिया, पर
अतिरिक्त कक्षा कक्ष बनाए नहीं गए। दो दिन पहले यह धनराशि किसी अन्य स्कूल
के लिए स्थानांतरित कर दी गई। इसकी भनक लगने पर प्रधान का पारा चढ़ गया
और उन्होंने शनिवार को पंचायत भवन में ताला डाल दिया।
जिस पर बच्चे भवन के
बाहर बरामदे में बैठ गए, लेकिन यहां भी स्कूल का संचालन नहीं होने दिया
गया। नतीजतन बच्चे कुछ देर रुकने के बाद वह घर चले गए। टीचर केपी सिंह ने
बताया कि जगह न मिलने के कारण विद्यालय का संचालन आज बंद रहा। इस बाबत बीईओ
पवन द्विवेदी ने दावा किया कि विद्यालय का संचालन हो रहा है।
कहां पर हो
रहा इसका वह जवाब नहीं दे सके। उधर, अवर अभियंता बृजभूषण मिश्रा ने बताया
कि आवंटित जमीन पर अतिरिक्त कक्षा कक्ष का निर्माण कार्य शुरू कराया गया
था, पर चकबंदी अधिकारी ने रोक लगा दी थी, जिस पर डीएम को मामले से अवगत
कराया गया था, पर जमीन का अभी तक निस्तारण नहीं हो सका।
उन्होंने बताया
कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने के चलते अतिरिक्त कक्षा कक्ष की धनराशि 6.90
लाख पिहानी ब्लाक के दो विद्यालयों को स्थानांतरित कर दी गई है। उधर, बीएसए
डा. बृजेश मिश्र ने बताया कि सोमवार से बच्चों की कक्षाएं शुरू कराने का
प्रयास किया जाएगा।