हरदोई। मनरेगा से किसान अपने खेतों में तालाब खुदवा सकेंगे, जिसमें बारिश का पानी तो एकत्र किया ही जाएगा साथ ही आवश्यकता पड़ने पर किसान पानी भरकर अपनी खेतों की सिंचाई भी कर सकेंगे। मनरेगा से खेतों में तालाब खोदने की कार्ययोजना को वित्तीय वर्ष 2016-17 में शामिल कर लिया गया है। जल्द ही जनपदों को धनराशि जारी कर दी जाएगी।
सूखे के हालात झेल रहे किसानों तक पानी पहुंचाने के लिए शासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। शासन ने अब मनरेगा योजना से किसानों को अपने खेतों में तालाब खुदवाने के लिए प्रेरित किया है। मनरेगा से किसानों के खेतों में गड्ढे खोदकर उनको इस तरह तैयार किया जाएगा कि खेतों से बहकर आने वाला पानी गड्ढे में एकत्रित हो। जिसका प्रयोग वह बाद में कम सकते हैं। इसके अलावा गड्ढों में पानी होने की वजह से वाटर लेवल में सुधार होने के साथ ही खेतों की नमी भी वापस आ जाएगी।
मनरेगा से खोदे जाने वाले तालाबों को शासन ने फार्म पाउंड नाम दिया है। खेतों में तालाब खोदने के लिए मनरेगा से धनराशि खर्च की जाएगी। हालांकि किसान की सहमति पर ही तालाबों को खोदा जा सकेगा।
बताते चलें कि शासन ने इसको लेकर पत्र जारी कर दिया है और इस कार्य को वित्तीय वर्ष 2016-17 की कार्ययोजना में शामिल कर लिया गया। बताया गया सूबे में करीब 5700 तालाब खोदे जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मनरेगा उपायुक्त पिंकी जोवल ने पत्र जारी कर बताया कि यदि कोई तालाब खुदवाकर 1.59 लाख तक का भुगतान भुगतान किया जाएगा। बताया कि डिमांड पर और अधिक तालाब खोदे जा सकेंगे। उपायुक्त मनरेगा राजनाथ प्रसाद भगत ने बताया कि तालाब खोदे जाने के प्रति किसानाें को जागरूक किया जाएगा।
भूगर्भ जल की बढ़ोत्तरी में मिलेगी मदद
हरदोई। मनरेगा से किसानों के खेतों में तालाब खोदे जाने से भूगर्भ जल की बढ़ोत्तरी में काफी मदद मिलेगी। मौसम विभाग के अनुमान इस बार बेहतर बारिश के आसार हैं, ऐसे में अगर मनरेगा के तरह तालाब खोदे जाते हैं तो वह जल संचय के लिए बेहतर विकल्प साबित होंगे और उनसे जल स्तर में बढ़ोत्तरी होगी।