हरदोई। वर्ष 2013-14 में निकली भर्ती में चयनित पशुधन प्रसार के 49 अधिकारियों की धड़कनें बढ़ गईहैं। एसआईटी की जांच में इनकी नियुक्ति में कई गड़बड़ियां मिली थीं। इसके बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में चला गया था। अब प्रदेश सरकार ने जवाब दाखिल किया है। 12 अप्रैल को मामले की सुनवाई होनी है। जिले में 49 पशुधन प्रसार अधिकारी तैनात हैं। इनमें से करीब 25 ऐसे अधिकारी हैं, जिन्होंने वर्ष 2013-14 की भर्ती के बाद कार्यभार ग्रहण किया था। इनकी अलग-अलग ब्लॉकों में तैनाती की गई थी। नियुक्ति के कुछ माह बाद ही सरकार बदली तो भर्ती प्रक्रिया जांच के दायरे में आ गई। एसआईटी की जांच में कई गड़बड़ियां पकड़ी गईं, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था।
वहीं, कार्रवाई रोकने के लिए चयनित पशुधन प्रसार अधिकारियों ने न्यायालय की शरण ली थी। मामले में अब प्रदेश सरकार की ओर से न्यायालय में जवाब दाखिल किया गया है। इसके बाद से पशुधन प्रसार अधिकारियों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
जिला पशु चिकित्सा अधिकारी आरएन शर्मा का कहना है कि जिले में 50 फीसदी से अधिक पशुधन प्रसार अधिकारी हैं, जिनकी नियुक्ति भर्ती चयन प्रक्रिया के बाद की है।