सांसद अंजू बाला ने कहा कि धरती पुत्र का किसान प्रेम
मात्र दिखावा है। प्रदेश में किसान परेशान और आत्महत्या करने के लिए मजबूर
हो रहा है। वह सोमवार को तहसील मुख्यालय पर आयोजित धरना प्रदर्शन में बोल
रही थी।
इस मौके पर भाजपा नेताओं ने गवर्नर को संबोधित दस सूत्री मांगों
का ज्ञापन एसडीएम पीपी तिवारी को सौंपा। सांसद ने कहा कि प्रदेश में सपा
ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि किसानों का कर्ज माफ करेंगे, कृषि
मूल्य पर योग आयोग का गठन करेंगे, आलू उद्योग समेत कई किसानों के हित के
वादे चुनाव के समय किए, पर सरकार बनने के बाद पार्टी किसानों की सुधि लेने
की बजाय परिवार व जातिवाद के प्रेम में फंसकर जनता के हितों को भूल गई।
कहा
कि सूखे बारिश के बाद तबाह हुआ किसान जब मुआवजे के लिए आस लगाए था, तो
प्रदेश सरकार से झूठी घोषणाएं मिली। कहा सपा मुखिया जिन्हें धरती पुत्र कहा
जाता है, वह किसानों के हित में कोई काम नहीं कर रहे, जिससे किसान
आत्महत्या करने पर विवश है।
उन्होंने कहा कि सरकार मुआवजे के नाम पर
किसानों को तहसील के चक्कर लगवा रही है। भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव रंजन
मिश्र ने कहा कि राजस्व, कृषि विभाग के अफसर अभी तक किसानों के नुकसान का
आकलन नहीं कर पाए है। उन्होंने राजनैतिक आधार पर भेदभाव व भ्रष्टाचार के
साथ मुआवजा बांटने का आरोप लगाया।
पूर्व विधायक सतीश वर्मा ने प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी को किसानों का हमदर्द बताते हुए कहा कि उन्होंने आपदा की
पीड़ा समझते हुए राहत के लिए प्रदेश सरकार को पर्याप्त धन मुहैया कराया, पर
प्रदेश की सरकारी मशीनरी उसे भी किसानों तक नहीं पहुंचा पा रही है।
धरने
को अभय शंकर शुक्ला, अशोक सिंह, नीलू सिंह, प्रताप सिंह अर्कवंशी आदि ने
संबोधित किया। इस मौके पर मनोज हिंदू, शिवभूषण सिंह आशीष सिंह आशू,
विद्यारतन द्विवेदी, विजय गुप्ता, मुन्ना सिंह, नरेंद्र पाठक, गंगा प्रसाद
आदि मौजूद थे।