प्रदेश में बदहाल हो चुके समाज कल्याण विभाग के
स्कूलों को अब सर्व शिक्षा अभियान के तहत सुविधाएं मुहैया कराकर उनको बेहतर
किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के सभी समाज कल्याण विभाग के स्कूलों को सर्व
शिक्षा अभियान के आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल किया जाएगा। इससे
इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सभी सुविधाएं मिल सकेंगी।
ज्ञात
हो कि समाज कल्याण विभाग की ओर से प्रदेश के 54 जिलों में 558 अनुदानिक
प्राथमिक स्कूल संचालित हैं, जिनकी हालत खराब है। इससे इन स्कूलों में
पढ़ने वाले विद्यार्थियाें की संख्या में कमी हो रही है। स्कूलों की दशा को
सुधारने को समाज कल्याण के उप निदेशक पीसी उपाध्याय ने सर्व शिक्षा अभियान
के परियोजना निदेशक को पत्र लिखा है।
जिसमें वर्ष 15-16 की कार्य योजना व
बजट में स्कूलों को शामिल करने की मांग की है, ताकि स्कूलों में मूलभूत
सुविधाएं, नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक, नि:शुल्क ड्रेस आदि की व्यवस्था हो सके।
विभाग के निदेशक के पत्र के परिप्रेक्ष्य में अभियान के अपर परियोजना
निदेशक रमेश शर्मा ने सभी बीएसए को जिले के स्कूलों की सूची सहित पत्र भेजी
है।
जिसमें यू-डायस में इन स्कूलों को शामिल करने के निर्देश दिए हैं,
ताकि इन स्कूलों में भी परिषदीय स्कूलों की भांति सुविधाएं मिल सके। अभियान
के बजट में समाज कल्याण विभाग के स्कूल शामिल होने पर इन स्कूलों की दशा
में सुधार हो जाएगा। इससे स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को लाभ
मिलेगा और विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ेगी।
उधर, बीएसए डा. बृजेश मिश्र
ने बताया कि परियोजना से पत्र आया है। जिसके क्रियान्वयन को स्कूलों का
डाटा यू-डायस में फीड कराया जा रहा, साथ ही जिला समन्वयकों को बजट में
स्कूल के विद्यार्थियों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।