फोटो-15- मृतक प्रदीप की फाइल फोटो
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हरदोई। शहर के लखनऊ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में एक मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही बरतने व मारपीट करने का आरोप लगाकर हंगामा किया।
जनपद उन्नाव के थाना क्षेत्र फतेहपुर चौरासी के महिपरा निवासी प्रदीप (40) शहर कोतवाली के ऊंचा थोक में अपने बेटी के यहां 31 दिसंबर को आए थे। यहां दो दिन पूर्व वह छत से गिर गए। हादसे में उनका पैर टूट गया। इलाज के लिए उन्हें कोतवाली इलाके के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। पीड़ित का कहना है यहां उनके पैर का ऑपरेशन किया गया था।
शनिवार को जब प्रदीप की हालत बिगड़ गई तो बिना ऑक्सीजन लगाए अस्पताल से उन्हें रेफर कर दिया गया। परिजनों ने जब इस बात का विरोध किया तो अस्पताल कर्मचारी व बाहर से आए कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। इसी बीच प्रदीप की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने हंगामा किया। पूरे मामले की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
परिजनों ने इलाज में लापरवाही बरतने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार यादव का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
आखिर कब तक होता रहेगा जिंदगियों के साथ खिलवाड़
शहर के एक निजी हॉस्पिटल के डॉक्टरों और कर्मियों पर लगे आरोप कोई नई बात नहीं है। इससे पहले कैनाल रोड पर स्थित एक हॉस्पिटल में एक गर्भवती महिला की लापरवाही के चलते मौत हुई थी।
परिजनों की तहरीर पर कोतवाली शहर में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। दूसरा मामला शहर के सर्कुलर रोड स्थित एक अस्पताल में गर्भवती महिला की मौत हो गई थी। इसके बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार इन अस्पतालों पर ठोस कार्रवाई नहीं करते हैं।