नई शिक्षा नीति नीति को लेकर हुई खंड स्तरीय बैठक में
उच्च शिक्षा में सुधार, रोजगार के अवसरों और ग्रामीण बालिकाओं की उच्च
शिक्षा में भागीदारी जैसे कई बिंदुओं पर चिंतन किया गया। साथ ही उच्च
शिक्षा में गुणात्मक सुधार पर मौजूद गणमान्य लोगों से सुझाव भी मांगे गए।
जिले
के नोडल अधिकारी व राजकीय महाविद्यालय हरदोई के प्राचार्य डा. रामकुमार
मिश्र ने कहा कि बालिकाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने को उन्हें यातायात की
सुविधा के साथ आर्थिक सहायता देने के भी प्रबंध होने चाहिए। छात्रावास और
सुरक्षा के जरिए भी उच्चा शिक्षा की तरफ उनका रुझान बनाया जा सकता है।
साथ
ही उन्होंने अलग-अलग बिंदुओं पर लोगों से भी उनकी राय जानी। ब्लाक नोडल
अधिकारी व जीडीसी पिहानी के प्राचार्य डा. सुधीर चौहान ने शासन के
निर्देशों पर होने वाली बैठक के उद्देश्य बताते हुए इसके अंतर्गत की जाने
वाली चर्चा के विषय पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि रोजगार परक
कार्यक्रमों को उच्च शिक्षा के साथ जोड़ते हुए छात्र-छात्राओं की रुचि इस
ओर बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कालेज में रोजगार परक शिक्षा और
व्यवसायिक कोर्स चलाने की जरूरत पर भी जोर दिया। महाराणा प्रताप
महाविद्यालय की डा. मीना श्रीवास्तव ने कहा कि उच्च शिक्षा हासिल करने वाले
विद्यार्थी क्षेत्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्हें
पाठ्यक्रम के साथ समुदाय सेवा का कार्य लिया जाए।
साथ ही अच्छे प्रदर्शन के
लिए अतिरिक्त अंक देने की व्यवस्था बने। कार्यक्रम मेें डा. विवेक तिवारी,
डा. गगन कुमार, कौशलेंद्र विक्रम सिंह, पुरातन छात्र समिति के अध्यक्ष
जुबैर जफर, मिसकूना, रमेश त्रिवेदी, मोहम्मद अरशद, जगदीश, कांशीराम, संजीव
मिश्रा व शंकर बख्श सिंह आदि मौजूद थे।