हरदोई। शहरी क्षेत्रों के जरूरतमंदों के आवास पर जिम्मेदारों की लापरवाही भारी दिख रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में आवास के लिए आवेदनों के सत्यापन की स्थिति बहुत कम है। नगरीय निकायों और राजस्व विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही जरूरतमंदों के आवास बनवाए जाने के लिए मिलने वाले रुपये पर भारी पड़ रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के दोबारा से संचालन किए जाने के बाद ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। योजना में पात्र लाभार्थी को तीन किस्तों में 2,50,000 रुपये दिए जाते हैं। लाभार्थी के पास प्लॉट अपना होना चाहिए। प्रधानमंत्री की तरफ से योजना-0.2 में जिला नगरीय विकास अभिकरण को आवेदन लिए जाने की जिम्मेदारी दी गई है। चालू वित्तीय वर्ष में 22,951 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिसमें से 22,931 आवेदन नगरीय निकायवार सत्यापन के लिए भी भेज दिए गए। आवेदनों के सत्यापन की जिम्मेदारी संबंधित नगरीय निकाय के अधिकारी और तहसीलों से लेखपाल को सौंपी गई है। आवेदनों के सत्यापन की रिपोर्ट जिला नगरीय विकास अभिकरण को न मिलने से पात्रों की पहचान और उन्हें आवास बनवाए जाने के लिए रुपये दिलाए जाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।
आवेदनों के सत्यापन की स्थिति पर एक नजर
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में जरूरतमंदों ने आवास के लिए आवेदन किए हैं। जिसमें सत्यापन सभी में नहीं हो पाया है। नगरीय निकाय बिलग्राम, कुरसठ, माधौगंज, सांडी, हरदोई, संडीला, कछौना पतसेनी और पाली से एक भी आवेदन के सत्यापन की रिपोर्ट मुख्यालय पर नहीं आई है। जबकि अन्य निकायों में भी आवेदन के सापेक्ष शत-प्रतिशत सत्यापन नहीं हो सका है।
कोट
आवेदनों को संबंधित नगरीय निकायों को भेजा गया है। नगरीय निकाय के अधिशासी अधिकारी और संंबंधित तहसील के एसडीएम को कर्मचारियों के माध्यम से कराए जाने के लिए कहा गया है। अभी तक 3456 आवेदनों का सत्यापन मिला है। सत्यापन आने के साथ ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है।
सदाकांत मिश्रा, परियोजना अधिकारी, डूडा