हरदोई। शहर में स्थित पौराणिक विक्टोरिया हॉल का नाम बदले जाने की तैयारी कर ली गई है। आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा है कि विक्टोरिया हॉल का नाम बदलकर रानी अहिल्याबाई होल्कर भवन रखा जाएगा। नाम बदलने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
आगामी 31 मई को रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती है। इसको लेकर भाजपा की ओर से विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। उधर दूसरी ओर आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि आम बोलचाल में घंटाघर कहा जाने वाला स्थान अभिलेखों में विक्टोरिया हॉल के रूप में दर्ज है। यह नाम अंग्रेजों की गुलामी का प्रतीक है।
इसलिए इसका नाम बदलने का निर्णय लिया गया है। नितिन अग्रवाल ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने बड़ी संख्या में शिव मंदिरों का निर्माण कराया था। इसके लिए बड़े पैमाने पर धन भी दिया था। इस वर्ष उनकी 300वीं जयंती मनाई जा रही है। इसी के मद्देनजर उन्हीं के नाम पर घंटाघर का नाम रखा जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि विक्टोरिया हॉल का संचालन करने वाली समिति की बैठक में इस बावत प्रस्ताव पारित कराया जाएगा। उक्त समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी हैं।
वर्ष 1888 में बना है विक्टोरिया हॉल
महारानी विक्टोरिया के शासनकाल की जयंती को यादगार बनाने के लिए जिले में साल 1888 में विक्टोरिया हॉल बनवाया गया था। जयंती की याद में बने विक्टोरिया हॉल को 5 फरवरी 1889 को जनता के लिए खोला गया। विक्टोरिया हॉल तालुकेदारों और राजाओं ने चंदा इकट्ठा कर बनवाया था। वहां पर कई दुलर्भ और एंटीक धरोहरें मौजूद हैं। महारानी विक्टोरिया की याद में बनाई गई इस इमारत में सैकड़ों वर्षों पुरानी घड़ी और पंच रत्नीय घंटा मौजूद है।