लेखपालों की कई समस्याओं के निस्तारण को लेकर
शुक्रवार को लेखपाल संघ की जनपदीय शाखा के पदाधिकारियों और लेखपालों द्वारा
तहसील सभागार में बैठक आयोजित कर विचार विमर्श किया गया तथा उसके बाद एक
14 सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम सदर पप्पू गुप्ता को सौंप कार्रवाई की मांग की
गई।
लेखपाल संघ की जनपदीय तहसील सदर शाखा के जिलाध्यक्ष सोमेश कुमार
शुक्ल ने कहा कि कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पिछले दिनों काफी संख्या
में लेखपालों को प्रताड़ित व दंडित किया गया, जबकि शासनादेशों में साफ लिखा
है कि कृषक बीमा धारक की मृत्यु या शारीरिक अक्षमता होने पर बीमाधारक या
आश्रित द्वारा अधिकतम चार माह की अवधि में बीमा दावा सभी निर्धारित प्रपत्र
पूर्ण कराकर संबंधित परगना अधिकारी को दे सकेगा।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि
इसके आधार पर संबंधित लेखपाल द्वारा दावा निर्धारित अवधि में प्रस्तुत न कर
पाने के कारण उसे दंडित व प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए। कहा कि
तहसील में राजस्व निरीक्षक के स्थान पर प्रभारी राजस्व निरीक्षक की
नियुक्ति वरिष्ठता के आधार पर की जाए। विरासत में अविवाहित पुत्रियों की
स्थितियों को स्पष्ट किया जाए।
इसके संदर्भ में भी कई बार लिखित रूप से
मांग की जा चुकी है। उन्होंने लेखपाल महेश चंद्र श्रीवास्तव के प्रकरण पर
प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्हें 16 वर्षीय प्रोन्नति वेतनमान का लाभ दिया
गया था, पर लेखा परीक्षक की आडिट आपत्ति के द्वारा उक्त लाभ को रोक दिया
गया। जिसको तुरंत दिलाया जाए। इस दौरान संघ पदाधिकारियों व लेखपालों ने एक
ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर पप्पू गुप्ता को सौंप कार्रवाई कराए जाने की मांग
की।
दिए गए ज्ञापन में उक्त के अलावा एसीपी का लाभ, एरियर, सेवा
पुस्तिका जन्मतिथि, चिकित्सकीय प्रतिपूर्ति, जीपीएफ लेखा पर्ची मुहैया
कराने सहित कई मांगे शामिल हैं। इस मौके पर मंत्री ऐश्वर्य प्रकाश मिश्र,
सोमेश कुमार शुक्ल, ऋषभ रंजन, सुशील श्रीवास्तव, उमेश कुमार, रवि शंकर आदि
लेखपाल मौजूद थे।