संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। शहर में बिजली बिल जमा करने वाली संस्था ने 25 लाख नहीं दो करोड़ 68 लाख रुपये जमा किए थे। विभाग अभी तक बिजली बिल की धनराशि का आकलन नहीं कर सका है कि संस्था के पास कितनी धनराशि है। विभाग संस्था से बिल अपडेट करने की मिन्नतें कर रहा है। वहीं बिल में बकाया लगे होने से उपभोक्ता परेशान हैं। विभागीय कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
शहर में बिजली बिल जमा करने के लिए सितंबर में सरल ई-कामर्स संस्था को विभागीय काउंटर पर बिल जमा करने की अनुमति प्रदान कर दी गई थी। संस्था की ओर से विद्युत वितरण खंड द्वितीय, उपखंड कार्यालय सदर, उपखंड कार्यालय कोयल बाग और विद्युत उपकेंद्र आशा नगर में सिस्टम लगाकर बिल जमा करना शुरू कर दिया था।
संस्था की ओर से सभी काउंटर पर बिल जमा किए गए, मगर उसको विभागीय पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया। इससे अक्तूबर में सभी बिजली बिल में बकाया बिल जुड़कर आ रहा है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। वह जमा रसीद लेकर विभाग के चक्कर काट रहे हैं। विभागीय अधिकारी उनका प्रार्थना पत्र लेकर बिल कम होने का आश्वासन दे रहे हैं। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। विभागीय जिम्मेदार बिल की धनराशि में गोलमाल की बात तो स्वीकर कर रहे हैं, मगर उसका समाधान नहीं खोज पा रहे हैं।
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संस्था की ओर से दो करोड़ 68 लाख रुपये किया गया है जमा
विभागीय आंकड़ों के अनुसार कार्यदायी संस्था ने सितंबर माह में दो करोड़ 68 लाख रुपये जमा किए जबकि संस्था की लिमिट 50 लाख रुपये ही है। जिसको पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया। विभागीय जिम्मेदार इस बात का आकलन नहीं कर पा रहे हैं, कितनी धनराशि अपलोड की गई और संस्था ने इसके अतिरिक्त कितना बिल जमा किया है।
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बिना अनुबंध में संस्था को सौंप दी गई जिम्मेदारी
कार्यदायी संस्था को बिना अनुबंध के ही विभागीय काउंटर पर बिल जमा करने की जिम्मेदारी सौंप दी गई। इससे संस्था के खिलाफ कार्रवाई करने के स्थान पर विभागीय अधिकारी उससे बिल अपडेट करने के लिए मिन्नतें कर रहें है।
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संस्था से बिल अपडेट कराएं जा रहे हैं। अगर संस्था बिल अपडेट नहीं करती है, तो कार्रवाई की जाएगी। जो भी उपभोक्ता जमा पर्ची ला रहे हैं, उनको संस्था को भेज कर अपडेट कराया जा रहा है। विभाग की ओर से जनसेवा केंद्र को बढ़ावा देने का अभियान चल रहा है। उसी के आधार पर संस्था से कार्य लिया जा रहा था।
रविंद्र कुमार ढोलका, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय
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मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रमेश चंद्र, अधीक्षण अभियंता