जिला अस्पताल में अब कैप्सूल व कड़वी गोली के साथ
मीठी गोली व चूरन चाट से भी मरीजों का इलाज किया जाएगा। अस्पताल में एलोपैथ
के अलावा आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथिक पद्धति से भी मरीजों का इलाज
होने लगा है। इसके तहत अलग से डॉक्टरों के लिए आयुष विंग का निर्माण कार्य
शुरू हो गया है।
यहां डॉक्टर मरीजों को परामर्श व दवाएं मुहैया
कराएंगे। इससे मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा। ज्ञात हो कि जिला अस्पताल में
अभी तक एलोपैथिक पद्धति से मरीजों का उपचार किया जा रहा था। अब शहर
स्वास्थ्य मिशन के तहत अस्पताल में आयुर्वेदिक , यूनानी व होम्योपैथिक
पद्धति से भी इलाज होगा।
इसके लिए तीन चिकित्सकों की तैनाती हो चुकी है।
इसमें यूनानी चिकित्सक के रूप में डा. नौशाद, होम्योपैथिक के डा. रमेश और
आयुर्वेद के डा. गौरवेंद्र प्रताप शामिल है। इन डॉक्टरों ने ओपीडी में
बैठना शुरू कर दिया है। अब उनके लिए जिला अस्पताल में डाट्स केंद्र के पास
आयुष विंग बनाई जा रही है।
इसका निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस आयुष
विंग के बनने पर तीनों डॉक्टर यहीं पर मरीजों का परीक्षण कर परामर्श देंगे
और उनको दवाइयां मुहैया कराई जाएगी। जिला अस्पताल में चारों विधाओं से इलाज
होने से शहर वासियों को लाभ मिलेगा और वह मनचाही पैथी से इलाज करा सकेंगे।
अभी तक अन्य पैथी के लिए मरीजों को जिला अस्पताल से बाहर जाना होता था।
सीएमओ डा. वीके गुप्ता ने बताया कि चिकित्सक अभी ओपीडी में बैठ कर मरीजों
को देख रहे है। आयुष विंग बनने पर मरीजों को और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।