कैंसर के मरीजों का आधुनिक मशीनों से होगा इलाज
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सवायजपुर। तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का पांच साल पहले तीन करोड़ की लागत से निर्माण कराया गया था। यहां डाक्टरों की स्थायी तैनाती न होने से मरीजों को जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है।
सवायजपुर के कटरा-बिल्हौर हाईवे पर स्थित सीएचसी संसाधन न होने से जूझ रहा है। बसपा शासन में विधायक रजनी तिवारी ने सीएचसी में डाक्टर समेत एक दर्जन कर्मचारियों की तैनाती करवा अस्पताल का उद्घाटन कराया था। कुछ समय बाद डाक्टरों को अन्य जगह भेज दिया गया और अब सीएचसी में एक भी डाक्टर नहीं है।
उधर, प्रसूताओं को भी कोई लाभ नहीं मिल रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार सीएचसी पर अभी तक 700 प्रसव किए जा चुके हैं। आरोप है कि प्रसूताओं को नाश्ता और खाना नहीं मिलता है। प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना से मिलने वाली धनराशि में दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। करीब एक सौ प्रसूताओं को भुगतान नहीं मिला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हरपालपुर अस्पताल में तैनात डा. वंदना तीन दिन यहां के अस्पताल में मरीजों को देखती हैं। इसके अतिरिक्त सीएचसी पर कई माह से पानी का संकट बना हुआ है। परिसर में लगा इंडिया मार्का हैंडपंप दूषित पानी दे रहा है। बिजली न आने पर जनरेटर का इंतजाम भी नहीं है।
तीन मार्च को सीएमओ डा. अशोक श्रीवास्तव ने अस्पताल का निरीक्षण कर सुधार का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति नहीं बदली। क्षेत्रीय निवासी बनवीर, सज्जन व मूकेलाल ने बताया कि इस सीएचसी का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। सीएमओ डा. अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि जो कमियां हैं उनको दूर किया जा रहा है। जल्द ही वहां पर सब व्यवस्थित होगा।