हरदोई। बीती 27 जुलाई से लापता युवक का शव गांव से 600 मीटर दूर बाग में क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। उसका सिर रस्सी के फंदे में पेड़ से लटक रहा था, नीचे शरीर का बाकी हिस्सा पड़ा हुआ था। शहर कोतवाली क्षेत्र के कुदौली गांव में हुई घटना की जानकारी पर सीओ सिटी फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने नमूने जुटाए हैं। परिजनों ने हत्या किए जाने की आशंका भी जताई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के कुदौली गांव निवासी सर्वेश (42) खेती और मजदूरी करता था। पत्नी लक्ष्मी के मुताबिक 27 जुलाई की शाम सात बजे किसी का फोन सर्वेश के मोबाइल पर आया था। इसके बाद वह घर से निकल गया था और फिर वापस नहीं आया। मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया था। कोई सुराग न मिलने पर लक्ष्मी ने शहर कोतवाली में पति की गुमशुदगी का मामला 31 जुलाई को दर्ज कराया था। इस सबके बीच शनिवार दोपहर गांव से 600 मीटर दूर जंगलनुमा बाग की तरफ गए कुछ ग्रामीणों को बदबू आई, तो वह लोग बाग के अंदर चले गए। यहां सर्वेश का सिर रस्सी से पेड़ पर लटक रहा था और धड़ नीचे पड़ा हुआ था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना सर्वेश के परिजनों को दी।
कुछ ही देर में परिजन मौके पर पहुंच गए। शव काफी क्षत-विक्षत था। हालांकि पुलिस का दावा है कि शव पुराना हो जाने के कारण खराब हो गया है। सिर रस्सी में पेड़ पर टंगा मिलने से घटना सनसनीखेज हो गई है। मृतक के परिवार में पत्नी, चार पुत्र और एक पुत्री है। सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया कि परिजनों ने कुछ लोगों पर जमीन के खरीद फरोख्त को लेकर हत्या किए जाने की आशंका जताई, लेकिन कोई तहरीर नहीं दी है। शव की जेब में मोबाइल फोन मिला है। यह स्विच ऑफ था। कॉल डिटेल निकलवाई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से काफी कुछ स्पष्ट हो जाएगा। इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विरासत में मिली जमीन की बिक्री का किया था अनुबंध
सर्वेश की पत्नी लक्ष्मी और पुत्र गोविंद ने कुछ अहम जानकारियां दी हैं। गोविंद के मुताबिक सर्वेश के बाबा ने कुछ भूमि विरासत में सर्वेश को दी थी। सीतापुर रोड पर स्थित इस भूमि को बेचने के लिए अनुबंध 18 जून को सर्वेश ने किया था। लक्ष्मी का दावा है कि अनुबंध 14.50 लाख रुपये में हुआ था। इसमें से 2.50 लाख रुपये एक बिचौलिए ने ले लिए थे। जिन लोगों से जमीन का अनुबंध हुआ था, उन्हें जमीन पर कब्जा नहीं मिल पा रहा था। अनुबंध करने वाले ने इसे लेकर सर्वेश से पैमाइश कराने का प्रार्थना पत्र सदर तहसील में देने को कहा था।
इसके बाद भी सर्वेश ने प्रार्थना पत्र नहीं दिया था। इस पर अनुबंध करने वाले ने रुपये वापस मांगे थे। लक्ष्मी का दावा है कि एचडीएफसी बैंक की पांच लाख रुपये की एफडी सर्वेश ने संबंधित व्यक्ति को बतौर गिरवी दे दी थी। एक और 50 हजार रुपये की एफडी भी उसे सौंप दी थी। अनुबंध करने वाले ने यह भी कहा था कि हम जमीन का अनुबंध कर रहे हैं, विवाद का नहीं। अगर जमीन की पैमाइश न हो पाए तो रुपये वापस कर देना। परिजनों को आशंका है कि इसकी वजह से सर्वेश परेशान था।