फोटो-37-मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुए आयोजन की तस्वीर। आर्काइव
- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मामला
- सरकार की तरफ से नवविवाहिताओं के बैंक खाते मेें भेजे जाते जाते हैं 35 हजार रुपये
आनंद मिश्रा
हरदोई। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत नवविवाहिताओं के बैंक खातों में भेजा जाने वाला सरकारी शगुन (धनराशि) गड़बड़ी के कारण अटक गया है। पिछले कुछ दिनों में कई नवविवाहिताओं ने सरकारी शगुन बैंक खाते में न पहुंचने की शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायतें मिलने के बाद समाजकल्याण विभाग ने ऐसी नवविवाहिताओं काे चिह्नित कराना शुरू किया है जिनके बैंक खातों में गड़बड़ी के कारण योजना के तहत दिया जाने वाला बजट नहीं पहुंचा है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत कराए जाने वाले विवाह पर एक जोड़े पर 51 हजार रुपये खर्च किए जाने का नियम है। इनमें से 35 हजार रुपये नवविवाहिता के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। 10 हजार रुपये कीमत के उपहार और कपड़े होते हैं। छह हजार रुपये में भोजन व आयोजन संबंधी व्यवस्थाएं कराई जाती हैं।
नवविवाहिताओं के खातों में जाने वाला बजट एक तरह से उनके लिए मुख्यमंत्री की तरफ से यानी सरकार की तरफ से भेजा जाने वाला शगुन होता है। जनपद में चालू वित्तीय वर्ष में बड़ी संख्या में शादियां मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हो चुकी हैं।
पिछले कुछ दिनों से नवविवाहिताओं के बैंक खाते में सरकारी शगुन के 35 हजार रुपये न पहुंचने की शिकायतें आ रही हैं। ऐसी नवविवाहिताएं खुद तो समाज कल्याण विभाग के कार्यालय नहीं पहुंच रही हैं, लेकिन परिजनों के जरिए इस तरह की शिकायतें आ रही हैं। सरकारी शगुन न मिलने से कई नवविवाहिताएं खासी मायूस भी हैं।
इनसेट
केस-1
टोडरपुर निवासी नीतू की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 27 जनवरी 2024 को हुई थी। तब से अब तक उसके बैंक खाते में योजना के तहत दिए जाने वाले 35 हजार रुपये ही नहीं पहुंचे। लंबे इंतजार के बााद अब उसने विभाग में शिकायत दर्ज कराई है।
केस-2
बिलग्राम निवासी मुनीशा देवी के बैंक खाते में भी एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी सरकारी शगुन नहीं पहुंचा है। उसकी शादी भी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 27 जनवरी 2024 को हुई थी। कई बार उसके परिजन शिकायत दर्ज करा चुके हैं।
केस-3
भरखनी निवासी संगीता देवी को भी सरकारी शगुन का इंतजार है। सामूहिक विवाह योजना के तहत उनकी शादी भी
27 जनवरी 2024 को हुई थी। उनके बैंक खाते में अब तक 35 हजार रुपये नहीं पहुंचे हैं। वह भी कई बार समाज कल्याण विभाग में शिकायत कर चुकी हैं।
कोट
इनसेट
जांच में ट्रांजेक्शन फेल होने की बात पता चली है
बैंक खाता संख्या में गड़बड़ी की वजह से इस तरह की शिकायतें आ रही हैं। ऐसी सभी नवविवाहिताओं के बैंक खातों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। इस तरह के जो भी मामले मिलेंगे उन सभी के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा। जो शिकायतें मिली हैं उनमें ट्रांजेक्शन फेल होने की बात जांच में पता चली है। रमाकांत, समाज कल्याण अधिकारी, हरदोई
इनसेट
...और एक मामला ऐसा भी
सुरसा थाना क्षेत्र के बल्लीपुर निवासी सोनलता की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुई थी। उसकी बहन के बैंक खाते में योजना के तहत मिलने वाले 35 हजार रुपये नहीं मिले। जानकारी करने पर पता चला कि फीडिंग के दौरान उसकी बहन के बैंक खाता संख्या को ही बदल दिया गया। इसके कारण 35 हजार रुपये टड़ियावां थाना क्षेत्र के गुरसंडा निवासी एक शख्स के खाते में चले गए। गुरसंडा निवासी युवक के घर जाने पर वह मिला नहीं। ग्रामीणों के मुताबिक बैंक खाते में आए रुपये निकालकर वह बाहर चला गया। इस मामले में पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की गुहार भी सोनलता के भाई कौशल कुमार ने लगाई है।