हरदोई। माधौगंज कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में घालमेल देख आकांक्षा समिति अध्यक्ष डा. अनु वार्ष्णेय खफा हो गईं। दूध से लेकर बालिकाओं की रोजमर्रा की सामग्रियों में भी गड़बड़ी देखकर वार्डेन को चेताया और लेखाकार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के अधिकारों का हनन न किया जाए। न ही उनसे बर्तन धुलवाए जाएं।
आकांक्षा समिति अध्यक्ष डा. अनु वार्ष्णेय ने माधौगंज के कस्तूरबा विद्यालय का मंगलवार को औचक निरीक्षक किया। बालिकाआें से विद्यालय में साफ सफाई के साथ बर्तन भी धुलवाने की बात पता चलने पर नाराजगी जताई। वार्डन व शिक्षिकाओं को निर्देश दिए कि बालिकाओं से साफ सफाई व बर्तन धुलवाने का कार्य न लिया जाए। यह बाल श्रम है। बाल श्रम अपराध की श्रेणी में आता है और अगर इसकी पुनरावृत्ति हुई तो वार्डन के साथ फुल टाइम शिक्षिकाओं पर भी कार्रवाई की जाएगी।
बालिकाओं के पास नहाने व कपड़े धोने का साबुन, टूथपेस्ट व ब्रश न होने पर अध्यक्षा ने विद्यालय के लिपिक को निर्देश दिए कि सामग्री उपलब्ध कराई जाए। 55 बालिकाएं के लिए पांच लीटर दूध आने की बात पर पारा चढ़ गया। बोलीं, 200 मिली प्रति बालिका के हिसाब से 11 लीटर दूध खरीदा जाए। शिक्षिका सुनीता देवी की शिकायत बालिकाओं ने की कि वह बालिकाओं को पीटने के साथ अभद्र व्यवहार करती हैं। उन्होंने शिक्षिका को फटकार लगाई। भविष्य के लिए भी चेताया। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश चंद्र, सीडीपीओ सुरसा प्रियंका गुप्ता आदि मौजूद रही।