फोटो 01 : सांडी के संगैचामऊ में नवनिर्मित वृहद गो-संरक्षण केंद्र। स्रोत : विभाग
हरदोई। निराश्रित मवेशियों के संरक्षण में प्रदेश के पहले स्थान पर रहने वाले जिले में सोमवार को एक और उपलब्धि जुड़ गई। 11.34 करोड़ रुपये की लागत के सात वृहद गो-संरक्षण केंद्र जिले को और मिल गए हैं। इससे अब निराश्रित मवेशियों को संरक्षित किए जाने के लिए स्थायी ठिकाना मिल गया है और जिले में यह संख्या 21 हो गई है।
पशुधन विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने विभागीय अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम की मौजूदगी में वर्चुअल रूप से वृहद गो-संरक्षण केंद्र का लोकार्पण किया। मंत्री ने लखनऊ में आयोजित समारोह से हरदोई सहित 16 जनपदों के 30 वृहद गो-संरक्षण केंद्रों का लोकार्पण किया और कहा कि इससे अब मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल निराश्रित मवेशियों को संरक्षित किए जाने में आसानी होगी। उन्होंने मवेशियों के भरण-पोषण और देखभाल की प्राथमिकता दोहराई।
सीवीओ डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि विभागीय मंत्री ने जिले के बरखेरवा, गुरसंडा, मुबारकपुर, पिपरी, संगैचामऊ, शिरोमननगर और भटपुर में नवनिर्मित वृहद गो-संरक्षण केंद्र लोकार्पण के बाद जनता को सौंपे हैं।
बताया कि इससे अब करीब 3,500 और निराश्रित मवेशियों को संरक्षित किए जाने के लिए स्थायी ठिकाना मिल गया है। अभी तक 14 वृहद गो-संरक्षण केंद्र संचालित हो रहे हैं जबकि 324 अस्थायी पशु आश्रयस्थल संचालित हैं। इस मौके पर डॉ. मोहित चौधरी, डॉ. डीके गुप्ता सहित डिप्टी सीवीओ अपने-अपने क्षेत्र के वृहद गो-संरक्षण केंद्र पर मौजूद रहे।