हरदोई। फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर शिक्षक बनने के मामलों के खुलासे के बाद बेसिक शिक्षा निदेशक ने प्रत्येक जिले में प्रमाण पत्रों का सत्यापन करने के लिए अलग से नोडल अफसर नामित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। फर्जी प्रमाणपत्र वालों का ब्योरा सुरक्षित रखा जाएगा।
72, 826 शिक्षक भर्ती से लेकर 29 हजार शिक्षकाें की भर्ती मामले में फर्जी प्रमाण के आधार पर नौकरी पाने वालों का खुलासा हुआ था। जनपद में भी काफी संख्या में फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र और टीईटी अंकतालिका के आधार पर नौकरी पाने वाले मामले सामने आए थे। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कार्रवाई भी हुई थी।
इस ओर शिक्षा निदेशक बेसिक दिनेश बाबू शर्मा ने बीएसए को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि भर्तियों के दौरान जमा होने वाले प्रमाण पत्रों का सत्यापन करने के लिए एक नोडल अधिकारी नामित कर दिया जाए। जिनका कार्य सिर्फ प्रमाण पत्रों का गहनता से सत्यापन कराना होगा। फर्जी होने की सत्यता सामने आने पर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। बीएसए मसीहुज्जमा सिद्दीकी ने बताया कि सत्यापन का कार्य गंभीर होकर पूर्व में किया जा रहा था लेकिन शासन के निर्देशों के बाद पूरा ब्योरा सुरक्षित रखा जाएगा।
अलग से व्यवस्थित होगा एक शिकायत रजिस्टर
हरदोई। शिक्षा निदेशक के फरमानों को यदि अमली जामा पहनाया गया तो फर्जी प्रमाण पत्रों के लिए जो भी शिकायतें शिक्षा विभाग में आएगी वह एक ही रजिस्टर में दर्ज होगी और उन पर जांच कराई जाएगी। जांच में क्या पाया गया उसी रजिस्टर में दर्ज होगा। निदेशक ने समय समय पर इस शिकायत रजिस्टर में आई शिकायतों व निस्तारण का ब्योरा तलब किए जाने की भी बात कही।