हरदोई। पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद (सअ) की यौमे पैदाइश पर शुक्रवार को जुलूस सादगी के साथ निकाला गया। इस मौके पर वैटगंज स्थित मस्जिद में जुमे की नमाज अदा की गई। तकरीर में बताया कि रसूल दुनिया से जहालत (अशिक्षा) का अंधेरा मिटाने को आए थे। आप ने जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद की और इंसानियत की हिफाजत की खातिर जालिमों से जिहाद की थी। इस्लाम दहशतगर्दी का सबसे बड़ा दुश्मन है।
मदरसा जियाउल कुरान वैटगंज में अंजुम आशिकाने रसूल हरदोई सदर जनाब अब्दुल हमीद, हरदोइ अंजुमन आशिकाने रसूल सदर जनाब बादशाह मियां वास्ती बिलग्राम शरीफ, अंजुमन गुलामाने रसूल सदर जनाब नजमुल हसन खां, कमेटी सुनहरी मस्जिद चौहान थोक सदर जनाब सगीर अहमद ने कहा कि रसूल की तालीमात हमें जिहालत के अंधेरे से निकालने वाली हैं। पूरी तरह से हुजूर के मानने वाले बनें।
उन्होंने समझाया कि बारावफात पैगबरे इस्लाम के दुनिया में तशरीफ लाने के दिन है तो यही दिन उनकी वफात का भी है। इसलिए हमें इस मौके पर इंतहाई सादगी से दुरूद आदि भेजने का एहंतमाम करना चाहिए।
तकरीर के बाद वैटगंज पार्क से जुलूस निकाला गया, जो नुमाइश चौराहा होते हुए घंटाघर रोड, सोेल्जर बोर्ड चौराहा, सिनेमा चौराहा, बड़ा चौराहा, रामदत्त चौराहा, महाराज सिंह पार्क, मुन्नेमियां चौराहा व इदरीशगंज चौराहा से होते हुए वापस मुन्नेमियां चौराहा, छोटा चौराहा, बड़ा चौराहा, नुमाइश चौराहे से होते हुए नुमाइशपुरवा मस्जिद के करीब समाप्त हुआ। इस मौके पर मो. हसीन, अख्तर साहब, रशीद मिस्त्री, मो. असलम साहब, अरशद साहब, लियाकत मिस्त्री, जमील अहमद अंसारी, मो. अजीज मंसूरी आदि मौजूद रहे।