गुरौली में हुए निर्माण कार्यों की दोबारा होगी जांच, समिति गठित
- प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी की पुष्टि पर दिए गए नोटिस का जवाब न देने पर शुरू की गई कार्रवाई
- बिना एमबी के भुगतान, स्ट्रीट लाइट, हैंडपंप मरम्मत और रिबोर में मिली थी गड़बड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। बिलग्राम की ग्राम पंचायत गुरौली में कराए गए कार्यों की अंतिम जांच के लिए डीएम ने दो सदस्यीय तकनीकी समिति का गठन किया है। उन्होंने दो पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
ग्राम पंचायत गुरौली में कराए गए विकास एवं निर्माण कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत प्रधान कुसुमा देवी ने की थी। डीएम की ओर से प्रारंभिक जांच के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रोहित सिंह और शारदा नहर विभाग के अधिशासी अभियंता एके गौतम को नामित किया गया था। जांच रिपोर्ट में कहा है कि इंटरलॉकिंग, मार्ग निर्माण, स्ट्रीट लाइट, हैंडपंप मरम्मत और रिबोर आदि के कार्यों में बिना मेजरमेंट बुक और काम से अधिक का भुगतान किया गया है। कार्यों और भुगतान में अनियमितता की गई है। प्रशासन की ओर से रिपोर्ट के आधार पूर्व प्रधान राजेश्वरी, पंचायत सचिव शिवओम बाजपेयी और प्रवीण कुमार को सितंबर 2022 में नोटिस जारी की गई थी। पंचायतीराज अधिनियम के तहत पूर्व प्रधान सहित दोनों पंचायत सचिवों से 15 दिन में जवाब मांगा था। तीनों ने नोटिस में दर्शाई गई गड़बड़ी पर कोई जवाब नहीं दिया है। डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने डीडीओ और डीपीआरओ को आदेश दिए हैं कि पंचायत सचिव शिवओम बाजपेयी और प्रवीण कुमार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करें। अंतिम जांच के लिए जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी और पीडब्ल्यूडी पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता को नामित कर एक माह में जांच रिपोर्ट तलब की है।