हरदोई। बरसात में शहरवासियों को जलभराव से छुटकारा और पानी निकासी की समुचित व्यवस्था के लिए नगर पालिका परिषद हरदोई को प्रतिदिन करीब 2,100 मीटर लंबाई में नाले-नालियों की साफ-सफाई करानी होगी। नगरीय निकाय ने शहर के छोटे-बड़े 52 नाले-नालियों में से 22 की सफाई करा लिए जाने का दावा भी किया है। 25 जून तक डेटलाइन तक 30 नाला-नालियों की सफाई कराई जानी है।
नगरीय निकाय की ओर से नाला-नालियों की साफ-सफाई का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन हकीकत इससे परे नजर आ रही है। नगर पालिका परषिद की ओर से अब कि 22 नाला-नालियों की सफाई कर्मियों के गैंग बनाकर सफाई कराई गई है। शहर में बड़े नालों को देखा जाए तो निकाय के अनुसार सात बड़े नाले, 16 मझोले नाले और 29 छोटी नालियां हैं।
बृहस्पतिवार को शहर में नाला सफाई और नालों की स्थिति देखने पर पता चला कि बावन चुंगी के पास सांडी रोड पर कूड़ा-करकट से नाला पूरी तरह से पटी हुई है और इससे नाले में पानी का बहाव ही नहीं हो पा रहा है। ऐसे ही नघेटा रोड पर मेडिकल कॉलेज के पीछे नाले में कूड़ा-कचरा भरा हुआ है ओर पानी का निकास सही प्रकार से नहीं हो पा रहा है।
सरकुलर रोड पर भी नालों की स्थिति दयनीय है। लखनऊ चुंगी से रेलवे स्टेशन जाने वाले सरकुरल मार्ग पर नाला पूरी तरह से कूड़ा-करकट से पटा हुआ है। इससे पता ही नहीं चलता है कि नाला है भी या नहीं। यहां पर तो नाला का अस्तित्व कूड़ा-करकट ने समाप्त कर दिया है।
नगर पालिका परिषद की ओर से अब तक नाला-नालियों की कराई गई साफ-सफाई में 22 नाला-नालियों की करीब 28,253 मीटर लंबाई में काम करा लिया गया है। ऐसे में अभी 25,197 मीटर नाला-नालियों की सफाई प्रशासन की ओर से दी गई 25 जून की डेटलाइन में करानी है। इस हिसाब से 12 दिन में काम कराने के लिए नगरीय निकाय के अधिकारियों को प्रतिदिन 2,100 मीटर लंबाई में काम कराना होगा।
शहर को साफ-सुथरा बनाने के साथ ही बरसात में जलभराव की समस्या न होने पाए इसके लिए हरदोई नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को 25 जून तक सभी नाले-नालियों की साफ-सफाई कराने की समय सीमा दी गई है। इसके बाद काम का सत्यापन भी कराया जाएगा। कहा गया है कि शहरवासियों को जलभराव की समस्या न होने पाए बरसात में पानी निकासी के ऐसे इंतजाम कराए जाने हैं। -मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी
नगर पालिका परिषद हरदोई की ओर से शहर के नाला-नालियों की साफ-सफाई अपने संसाधनों से कराई जा रही है। अभी तक नाला-नालियों की साफ-सफाई के लिए शासन से अलग से कोई बजट नहीं आया है। अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार सोलंकी ने बताया कि बजट न मिलने के कारण निकाय की ओर से अपने संसाधनों से ही काम कराया जा रहा है।