किसानों को फसली मुआवजा देने, ऋण माफ करने आदि मांगों
को कलक्ट्रेट में भाकृद का दूसरे दिन भी धरना जारी रहा। धरने के दौरान कई
समस्याओं के चलते असमय ही मौत के मुंह में समा चुके किसानों को श्रद्धांजलि
देते हुए कैंडल जलाकर शोक जताया गया।
भाकृद प्रमुख सरोज दीक्षित ने
कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से लेकर कई समस्याओं से जूझने वाले किसानों के
हितों की चिंता करने का समय न तो प्रदेश सरकार के पास है और न ही केंद्र के
पास। ऐसे में अब किसानों को जागरूक होकर सरकारों से अपने हितों के लिए
लड़ना होगा।
जब तक देश में किसान का आलू 5 रुपये किलो और वहीं आलू कंपनी
चिप्स के रूप में 200 रुपये किलो बेेचने की नीति चलती रहेगी, देश के
किसानों का भला होने वाला नहीं है। कहा कि किसानों के हितों के लिए भाकृ द
का धरना चलता रहेगा। इस मौके पर केएम बाजपेयी, अरुण मिश्रा, आदित्य, महेश
आदि मौजूद थे।