हरदोई। ग्रामीणों की शिकायतों की जांच पंचायत सचिवों से कराने पर खंड विकास अधिकारी नप सकते हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने आरोपी पंचायत सचिव से ही जांच कराए जाने की जानकारी पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है कि ग्रामीणों की शिकायतों की जांच वे स्वयं करें। आरोप सिद्ध पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति आख्या समय से प्राप्त कराएंगे।
मुख्य विकास अधिकारी सौम्या गुरुरानी ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत प्राप्त होने वाली मुलाकाती और आईजीआरएस के संदर्भों के निस्तारण में रुचि नहीं ली जा रही है। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की है। कहा है कि जानकारी में आया है कि जो शिकायती पत्र ब्लॉक पर भेजे जाते हैं उनकी जांच बीडीओ अपने स्तर न कर संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव को भेज देते हैं। जबकि शिकायत उसी कर्मचारी के विरुद्ध होती है।
उन्होंने कहा है कि शिकायतों पर पंचायत सचिवों की ओर से दी जानी वाली रिपोर्ट का बीडीओ की ओर से परीक्षण भी नहीं किया जा रहा है। ऐसे ही उच्चाधिकारियों को अग्रसारित की जा रही हैं। उन्होंने सभी बीडीओ को चेताया है कि शिकायतों की सुनवाई के लिए सुबह 10-12 बजे तक कार्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित करें। शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण में विफल रहने पर संबंधित अधिकारी का उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।