हरदोई। बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के बलेहरा में 10 फरवरी की सुबह युवक की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मुख्य आरोपी की जमानत अर्जी जिला जज रीता कौशिक ने खारिज कर दी। जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए जिला जज ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। उपलब्ध साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अपराध की प्रकृति को देखते हुए आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती।
बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के बलहेरा निवासी सूरज सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि उसके भाई अजय सिंह उर्फ सिद्ध का प्रेम प्रसंग गांव निवासी अजीत की पत्नी से था। घटना से चार-पांच साल पहले अभय ने अजीत की पत्नी से शादी कर ली और उसे लेकर हिमाचल प्रदेश में रहने लगा। इसको लेकर अजीत, जगदीश और पुष्पा से रंजिश थी। इसी के चलते पूरा परिवार शहर के मन्नापुरवा में किराए पर रहने लगा था। बीती नौ फरवरी की शाम वह भाई अक्षय के साथ गांव गया था। 10 फरवरी की सुबह अक्षय शौच करने गया था।
इस दौरान गांव के बाहर जगदीश सिंह, अजीत सिंह, सुधीर सिंह, मुकेश सिंह और पुष्पा ने भाला व डंडों से अक्षय पर हमला कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। पोस्टमार्टम में मृतक के सिर, सीने, हाथ, पीठ और पेट पर कई गहरे घाव मिले थे। डॉक्टरों ने अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों को मौत की वजह बताया था।
आरोपी सुधीर के अधिवक्ता ने रंजिशन फंसाए जाने का तर्क दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता ने विरोध करते हुए कहा कि आरोपी नामजद है। घटना में उसकी सक्रिय भूमिका सामने आई है। जिला जज रीता कौशिक ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद सुधीर की जमानत अर्जी खारिज कर दी।