जूनियर स्कूलों में विज्ञान व गणित टीचरों की
नियुक्ति में मेरिट में हेराफेरी करने के आरोप में पटल सहायक को निलंबित कर
दिया गया। वहीं चयनित आवेदकों को मंगलवार को नियुक्ति पत्रों का वितरण
किया गया। नियुक्ति पत्र पाने के लिए आवेदकों की भारी भीड़ डीआई कार्यालय
में मौजूद रही।
ज्ञात हो कि शासन ने जूनियर विद्यालय में गणित व विज्ञान
विषय के पद टीचरों की नियुक्ति करने के निर्देश जारी किए थे। जिले में 694
टीचरों की नियुक्ति की जानी है। इसमें 347 विज्ञान व 347 गणित के पद थे।
विभाग की ओर से जारी मेरिट सूची में हेरफेर किया गया था। जिस कारण महिला
आवेदकों की काउंसिलिंग एक दिन विलंब से हो सकी थी।
जिस पर आवेदकों ने
हंगामा किया था। मेरिट सूची में गड़बड़ी का ठीकरा पटल सहायक के सिर पर फूटा
और बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. बृजेश मिश्र ने पटल सहायक मनोज मिश्र को
तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उन पर आरोप है कि विज्ञान व गणित के
सहायक टीचरों की नियुक्ति हेतु प्रथम चक्र से लेकर सातवें चक्र तक की
काउंसिलिंग कराई गई, पर इनके द्वारा न तो काउंसिलिंग के चक्रों के बाद अर्ह
अभ्यर्थियों की सूची तैयार की गई और न ही कम मेरिट वाले अनर्ह आवेदकों के
शैक्षिक व प्रशिक्षण अभिलेख वापस किए गए।
इसके अलावा काउंसिलिंग हेतु बनाए
गए रजिस्टरों पर लिपिक द्वारा कूट रचना करते हुए मेरिट लिस्ट में हेराफेरी
की गई। रजिस्टर में भी छेड़छाड़ की गई। लिपिक के निलंबन के बाद मामले का
जांच अफसर बीईओ पिहानी को बनाया गया है। इधर, चयनित आवेदकों को मंगलवार को
डीआई कार्यालय से नियुक्ति पत्रों का वितरण किया गया। जिस कारण कार्यालय
में भारी भीड़ एकत्रित रही।