हरदोई। सामान्य गांवों में योजनाओं और कार्यक्रमाें की वास्तविकता परखने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर 40 ग्राम सभाओं में शनिवार को आकस्मिक निरीक्षण किया गया था। शिक्षकों की उपस्थिति, राशन वितरण, आंगनबाड़ी केंद्र संचालन और सफाई कर्मियों के गांव जाने की स्थिति का निरीक्षण हुआ और 29 गांवों में अनियमितता मिली। इन गांवों के 11 अध्यापक, एक प्रधान, पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्री, छह कोटेदार और छह सफाई कर्मियों के खिलाफ जिलाधिकारी ने कार्रवाई के आदेश दए हैं।
समग्र ग्राम और गोद लए गांवों में प्राथमिकता से काम हो रहा है। उसका दैनिक अनुश्रवण भी हो रहा है। इससे वहां की व्यवस्था दुरुस्त नजर आ रही है लेकिन इसके अतिरिक्त सामान्य गांवों में व्यवस्था बदतर है। शनिवार को जिलाधिकारी विवेक वार्ष्णेय ने 40 गांवों का जिला स्तरीय अधिकारियों से आकस्मिक निरीक्षण कराया और शाम को ही रिपोर्ट मांगी। जांच रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने 29 गांवों में अनियमितता मिलने पर कार्रवाई कर दी।
ग्राम पुरवा देवरिया में मिड डे मील न बनने पर प्रधानाध्यापक व ग्राम प्रधान का स्पष्टीकरण तलब कर खंड शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं। ग्राम सगरापुर के प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक व प्रधान अध्यापक अनुपस्थित पाए गए, ग्राम कमालपुर में टीचर सविता व राखी, ग्राम ककरा के प्राथमिक विद्यालय में टीचर रजनी व मकबूल, ग्राम दसौली में टीचर संगीता, ग्राम जरौर में टीचर सुमित कुमार और उच्च प्राथमिक विद्यालय हयातपुर खेड़ा में प्रधानाध्यापक रामसुख अनुपस्थित पाए गए। अनुपस्थित सभी टीचरों के वेतन रोकने के आदेश दिए गए।
ग्राम मझिया, पुरवा देवरिया, सगरापुर और कोईलहा में सफाई कर्मी के अनुपस्थित मिलने पर वेतन रोकने व विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ग्राम अटवा असिगवां व खजोहना में सफाई कर्मी के लगातार अनुपस्थित रहने पर निलंबित करने एवं विभागीय कार्रवाई के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए। ग्राम खजोहना, अटवा, ककरा के आंगनबाडी केंद्र बंद मिलने पर और ग्राम दस्यौली व बूढ़नपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यकत्री मिथिलेश व कल्पना के अनुपस्थित मिलने पर सेवा समाप्ति के आदेश जिलाधिकारी ने दिए।
ग्राम मझिया, अटवा असिगवां, पुरवा देवरिया, सगरापुर व खजोहना में कोटेदारों के खिलाफ राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलने पर जिला पूर्ति अधिकारी को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। ग्राम कोईलहा में अस्थायी राशन कार्ड के वितरण की शिकायत मिलने पर जिला पूर्ति अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए।