- सीजेएम रिचा वमा ने सुनाया फैसला- एक भी गवाह पेश न कर पाई पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसीहरदोई। लगभग सवा सात साल पुराने मामले में पुलिस सीजेएम न्यायालय में कोई गवाह ही पेश नहीं करपाई। पुलिस की शिकायत पर मिला अश्लीलता करने का दाग आखिरकार न्यायालय ने दोनों युवकों से धुल दिया। सीजेएम रिचा वर्मा ने दोनों युवकों को बरी कर दिया है।
शहर कोतवाली में तैनात तत्कालीन उपनिरीक्षक संजीव शर्मा ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 18 सितंबर 2018 को वह संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जांच कर रहे थे। साथ में उपनिरीक्षक मोहम्मद कयूम भी थे। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के पास दो लड़के खड़े दिखाई दिए। दावा था कि दोनों लड़के आने जाने वाली छात्राओं के लिए अश्लील शब्द बोलकर इशारे कर रहे थे। पुलिस ने दोनों को पकड़ा था। एक ने अपना नाम बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के कपूरपुर बहोरन निवासी अमन सिंह और दूसरे ने लोनार कोतवाली क्षेत्र के दुलारपुर निवासी सुमित कुमार बताया था। विवेचना के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। 10 मई 2022 को आरोप तय हो गए थे। इसके बाद पुलिस को साक्ष्य पेश करने का मौका दिया गया। दस्तावेजी साक्ष्य के तौर पर सिर्फ प्राथमिकी, आरोप पत्र और नक्शा नजरी ही पुलिस पेश कर पाई। लगभग साढ़े तीन साल में दोनों के खिलाफ को कोई भी गवाह पुलिस पेश नहीं कर पाई। इस पर न्यायालय ने गवाही का मौका खत्म कर दिया। आरोपियों ने न्यायालय में कहा कि वह निर्देाष हैं और उन्हें रंजिशन झूठा फंसाया गया है। दोनों पक्षों के तर्काें को सुनने और पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर सीजेएम ने दोनों को यह कहकर दोषमुक्त कर दिया कि अभियोजन पक्ष ऐसा कोई भी गवाह पेश नहीं कर सका जिससे दोनों को दोषी करार दिया जा सके।