हरदोई। जिले के कोषागार में वर्ष 2010 से 2017 के बीच हुए चार करोड़ रुपये से अधिक के पेंशन घोटाले की जांच के लिए निदेशालय से वरिष्ठ अधिकारियों की टीम मंगलवार दोपहर हरदोई पहुंची। कोषागार में वरिष्ठ कोषाधिकारी की मौजूदगी में टीम के सदस्यों ने आवश्यक अभिलेखों की जांच की। रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने की बात कही है।
चार करोड़ रुपये के पेंशन घोटाले के मामले में शासन ने तत्कालीन वरिष्ठ कोषाधिकारी रहे दीपांकर शुक्ला और देवीप्रसाद को 25 अप्रैल को निलंबित कर दिया था। इससे पहले लेखाकार रहे राकेश कुमार सिंह और सहायक कोषाधिकारी दिनेश प्रताप सिंह को निलंबित किया जा चुका है। इन पर एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है।
शासन ने पूरे प्रकरण की जांच प्रमुख वन संरक्षक कार्यालय के वित्त नियंत्रक आलोक कुमार को सौंपी है। आलोक कुमार के प्रतिनिधि के रूप में मंगलवार को कोषागार एवं पेंशन निदेशालय लखनऊ के अपर निदेशक इंद्रजीत विश्वकर्मा और आंतरिक लेखा निदेशालय लखनऊ के अपर निदेशक साजिद आजमी टीम के साथ कोषागार पहुंचे। वरिष्ठ कोषाधिकारी कंचन भारती की मौजूदगी में उन्होंने आवश्यक जानकारियां लीं। इंद्रजीत विश्वकर्मा ने बताया कि वह रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।