पिछले सत्र की तरह इस बार भी जिले के 13 बालक राजकीय माध्यमिक विद्यालय शैक्षणिक स्टाफ की कमी से जूझ रहे हैं। विद्यालयों में स्वीकृत 209 पदों के सापेक्ष 74 पर ही तैनाती है। इन विद्यालयाें में135 पद रिक्त हैं। इनमें प्रधानाचार्य, प्रवक्ता व लिपिक के पद शामिल हैं।
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्टाफ की कमी से शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षकों की कमी से पढ़ाई लिखाई में व्यवधान हो रहा है। राजकीय इंटर कालेज टड़ियावां, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सारीपुर छछेटा, भरखनी, राजकीय विद्यालय अंधर्रा और रहुला में प्रधानाचार्य का पद लंबे समय से रिक्त है। इसी तरह एलटी शिक्षकों के कुल 155 पदों के सापेक्ष 63 पर ही तैनाती है। 92 पद रिक्त हैं। लिपिक के 22 पदों के सापेक्ष 10 पर ही तैनाती है।12 पद रिक्त हैं। राजकीय इंटर कालेज टड़ियावां के अलावा 12 कालेजों में सफाई कर्मी के पद सृजित ही नहीं हैं।
इन विद्यालयों में कुल स्टाफ 209 के सापेक्ष महज 74 पर ही तैनाती है। 135 पदों पर तैनाती होनी शेष है। विद्यालयों में स्टाफ न होने का खामियाजा यहां पर दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ता है। कालेज में शिक्षकों की कमी से कोर्स पूरा करने और परीक्षा क ी बेहतर तैयारी के लिए छात्रों क ो कोचिंग सेंटरों की ओर रुख करना पड़ता है।
क्या कह रहे डीआईओएस
डीआईओएस कमलाकर पांडेय ने बताया कि उन्हें जिले में चार्ज लिए अधिक समय नहीं हुआ है। शिक्षकों की कमी प्रदेश के अधिकतर जिलों में है। रिक्त पदों पर स्टाफ की जानकारी करेंगे और तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखेंगे।