हरदाई। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति पर शिक्षा विभाग और शिक्षक आमने-सामने आ गए हैं। विभाग की ओर से जहां सोमवार से ऑनलाइन उपस्थिति को अनिवार्य किया गया है। वहीं, शिक्षक संघ ने ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध का ऐलान किया है।
जिले में 3,446 विद्यालय संचालित हैं, जिसमें तीन लाख 17 हजार 125 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। विद्यालयों में शिक्षण कार्य के लिए 11 हजार शिक्षक व शिक्षा मित्र तैनात हैं। विद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षक व विद्यार्थियाें की उपस्थिति ऑनलाइन करने और सभी पत्रावलियों को डिजिटाइजेशन करने के लिए 2,777 विद्यालयों में 5,212 टैबलेट वितरित किए थे। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से सभी शिक्षक व विद्यार्थियों की सोमवार से ही ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य परियोजना निदेशक की ओर से समस्त अध्यापकों, कार्मिकों की उपस्थिति, विद्यालय आगमन का समय डिजिटल उपस्थिति पंजिका पर सुबह सात बजकर 45 से आठ बजे तक करने के निर्देश दिए हैं। इससे शिक्षकों में खलबली मची हुई हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष सुनीता त्यागी ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि उत्तर प्रदेश कर्मचारी सेवा नियमावली के विरुद्ध महानिदेशक की ओर से ऑनलाइन उपस्थिति का आदेश जारी कर दिया गया है। इसका शिक्षक संघ आठ जुलाई से काली पट्टी बांधकर विरोध करेगा और 15 जुलाई को बीएसए कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करेगा। इसके बाद पूरे प्रदेश के शिक्षक महानिदेशक स्कूल शिक्षा के कार्यालय पर अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष आलोक मिश्र ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर प्राथमिक शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी का विरोध किया जाएगा। आठ जुलाई से शिक्षक हांथ पर काली पट्टी बांधकर विरोध-प्रदर्शन करते हुए पठन-पाठन का कार्य करेंगें। 11 जुलाई को जिला अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया जाएगा।