जिले के छह से 14 साल तक के बच्चों को अनिवार्य
शिक्षा के तहत प्राथमिक शिक्षा दिलाने को परिषदीय टीचर घर-घर जाकर
अभिभावकोें को जागरूक करेंगे और उनको बच्चों को स्कूल भेजने को प्रोत्साहित
करेंगे। वह स्कूलों में शत प्रतिशत नामांकन पर जोर देंगे।
अबकी परिषदीय
स्कूल समेत सभी स्कूलों में शिक्षा सत्र एक अप्रैल से शुरू करने के शासन
ने निर्देश जारी किए हैं, जिससे अबकी बच्चोें को स्कूल में प्रवेश दिलाने
को 20 फरवरी से ही स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ हो जाएगा। परिषदीय स्कूलों
के टीचर व शिक्षा मित्र घर घर जाकर स्कूल न जाने वाले बच्चों को चिह्नित
करेंगे और उनको स्कूल में प्रवेश दिलाने को अभिभावकों को प्रोत्साहित
करेंगे।
अभियान की शुरुआत 20 फरवरी से जिला शिक्षा परियोजना की बैठक से
होगी। 25 से 28 के बीच जनप्रतिनिधियों से सहयोग मांगा जाएगा। एक से पांच
मार्च तक स्कूल चलो अभियान का प्रचार प्रसार किया जाएगा। इस बीच ब्लाक
स्तर पर बीडीसी व प्रधानों की ब्लाक प्रमुख की अध्यक्षता में बैठक होगी,
साथ ही कार्यकत्रियों से पांच वर्ष से ज्यादा आयु वर्ग के बच्चों की सूची
मांगी जायेगी।
15 से 20 मार्च के बीच ग्राम शिक्षा समिति की बैठकें होंगी।
10 से 15 मार्च प्रभात फेरी, विचार गोष्ठी आदि आयोजित होंगे। 16 से 25
मार्च तक टीचर अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को स्कूल भेजने को प्रेरित
करेंगे। 26 से 30 मार्च तक बच्चों का चिन्हांकन किया जाएगा। जिला समन्वयक
बलवीर शास्त्री ने बताया कि अभियान का उद्देश्य ड्राप आउट बच्चों को स्कूल
भंजना है और इसके लिए सभी बीईओ को बीएसए के माध्यम से निर्देश जारी किए जा
रहे हैं।