हरदोई। हरदोई-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरसा थाना क्षेत्र में पचकोहरा के पास स्कूटी सवार नर्स को किसी वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर लगने से स्टाफ नर्स की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की जानकारी मिलने पर उनके शिक्षक पति घटनास्थल पर पहुंचे और पत्नी का हेलमेट उठाकर घर ले गए। इसके बाद घर में तार से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। कुछ ही घंटे के अंतर पर पति-पत्नी की मौत से पूरे गांव में शोक व्याप्त हो गया और परिजन बिलख पड़े।
सुरसा थाना क्षेत्र के दाउदपुर निवासी योगेश कुमार (34) पिहानी विकास खंड के टीकमपुरवा प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे। सोमवार सुबह वह बाइक से अपने स्कूल गए थे। उनकी पत्नी मणिकर्णिका (26) टड़ियावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स के पद पर तैनात थीं।
पति के स्कूल जाने के बाद सुबह लगभग सवा सात बजे वह भी ड्यूटी पर जाने के लिए स्कूटी से निकली थीं। गांव से कुछ ही दूर हरदोई-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पचकोहरा के पास किसी वाहन ने उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी। टक्कर लगने से मौके पर ही मणिकर्णिका की मौत हो गई।
घटना की जानकारी पर परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस ने शव मोर्चरी में पहुंचा दिया। घटना का पता चलने पर योगेश कुमार भी अपने स्कूल से निकले और सीधे घटनास्थल पर चले गए। वह घटनास्थल पर मणिकर्णिका का खून से सना हेलमेट उठाकर घर ले गए। इसके बाद उन्होंने कमरे में बिजली के तार से पंखे में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
इसका पता चलते ही सुरसा के प्रभारी निरीक्षक इंद्रेश यादव ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दंपती की मौत से उनके माता-पिता बिलख पड़े। बड़ी मुश्किल से ग्रामीणों ने उन्हें संभाला। सुरसा के प्रभारी निरीक्षक इंद्रेश यादव ने बताया कि मणिकर्णिका की मौत को लेकर तहरीर मिलते ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
अक्तूबर 2023 में ही हुई थी शादी, दोनों थे इकलौती संतान
मणिकर्णिंका का मायका शहर कोतवाली क्षेत्र के धन्नूपुरवा में है। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान थीं। छह माह पहले 23 अक्तूबर 2023 को उनकी शादी दाउदपुर निवासी योगेश कुमार के साथ हुई थी। योगेश भी अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। शादी के बाद से दोनों हंसी-खुशी जिंदगी बिता रहे थे। कोई आर्थिक समस्या भी नहीं थी, लेकिन यह हादसा पति-पत्नी के लिए काल बन गया।
अब तुम सब लोग शाम को आना...
पत्नी की मौत की जानकारी के बाद घटनास्थल से हेलमेट लेकर गांव पहुंचे योगेश को मकान के बाहर बड़ी संख्या में गांव के लोग बैठे मिले। उन लोगों से योगेश ने कहा कि अभी सब लोग अपने घर चले जाओ। अब शाम को आना। इसके बाद वह घर के अंदर बने अपने हॉलनुमा कमरे में चला गया और फंदा लगा लिया। मां तेजवती ने उसे फंदे पर लटके देखा तो शोर मचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।