जिला अस्पताल के गेट पर अवैध वाहन स्टैंड मरीजों के लिए मुसीबत बना है। कई बार गंभीर बीमार भी गेट पर बने वाहन स्टैंड के जाम में फंस जाते है। जाम व अराजकतत्वों का अड्डा बने इस स्टैंड को हटवाए जाने की मांग क्षेत्रीय लोगों ने की है।
सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रदेश सरकार ने बिगड़ी व्यवस्थाओं में तेजी से सुधार किया है। अवैध रूप से संचालित कारोबार, वाहन स्टैंडों पर शिकंजा कसा जा रहा है। लेकिन अभी तक जिला अस्पताल के गेट पर अवैध रूप से संचालित वाहन स्टैंड पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। पिछले 10 साल से संचालित इस स्टैंड को हटवाने के कई प्रयास किए गए। शुरुआत में प्रशासन की सख्ती के बाद कुछ समय तक संचालन बंद हुआ, लेकिन कुछ समय बाद वाहनों का जमावड़ा फिर से लग गया। इन स्टैंडों पर बेतरतीब खड़े वाहन अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के लिए अक्सर आफत बन जाते है। अस्पताल के गेट पर जाम में फंसने से मरीजों की जान पर बन आती है। शाम ढलते ही टैक्सी स्टैंड पर अराजकतत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।
कोतवाल भगवान सिंह ने बताया कि गेट के आस पास सभी को वाहन खड़ा करने से मना किया गया है। अगर वहां वाहनों का जमावड़ा लगा मिला तो कार्रवाई की जाएगी।