हरदोई। जीएसटी को लेकर व्यापारियाें में फैली भ्रांतियाें को दूर करने की कवायद शासन ने शुरू कर दी है। गुरुवार को जीएसटी पर व्यापारियों की एक परिचर्चा का आयोजन गांधी भवन में किया गया। इस दौरान जिले के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि कर चोरी करने वाले ही जीएसटी का विरोध कर रहे हैं। परिचर्चा में वाण्ज्यि कर विभाग के अधिकारियाें ने व्यापारियाें को जीएसटी की बारीकियों से अवगत कराया।
गांधी भवन में आयोजित परिचर्चा को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि जीएसटी लागू करने की तैयारी लंबे समय से चल रही थी। पूर्ववर्ती सरकाराें ने भी इस पर चर्चा की थी लेकिन देशहित के इस मामले में भी पूर्ववर्ती सरकारें हिम्मत नहीं दिखा पा रही थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी पर भरपूर चर्चा, चिंतन के बाद इसे लागू कराने का फैसला किया। संसद के दोनों सदनों से इसे पारित कराया गया।
उन्होंने कहा कि जीएसटी से सिर्फ तीन तरह के लोग घबरा रहे हैं। पहले वह जो कर चोरी करते हैं, दूसरे वह जो कर चोरी करने वालों को संरक्षण देते हैं और तीसरे वह जिन्हें सिर्फ विरोध के लिए ही विरोध करना है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जीएसटी देशहित में लागू किया गया है और इससे देश की आर्थिक स्थिति में बदलाव आएगा। इससे पहले कार्यक्रम को वाणिज्य कर समेत अन्य विभागों के अधिकारियाें ने व्यापारियाें की शंकाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण शास्त्री ने की। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कारोबारी बालकृष्ण जिंदल मौजूद रहे। संचालन भाजपा नेता पीके वर्मा ने किया। इस दौरान सेंट्रल एक्साइज के अधीक्षक अरविंद कुमार, डिप्टी कमिशभनर कमलेश्वर कुमार, अरूण कुमार, सुशील कुमार, मनोरंजन कर अधिकारी इंद्रभान वर्मा मौजूद रहे। व्यापारियों में कैलाश गुप्ता, पवन जैन, विमलेश दीक्षित, अशोक उपाध्याय, भजनलाल गुप्ता, सुरेंद्र सिंह गौर भी मौजूद रहे। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह, जिला उपाध्यक्ष अजीत सिंह बब्वन, गांगेश पाठक, जगन्नाथ राजवंशी, कर्मवीर सिंह, अमित शुक्ल, आदि भी मौजूद रहे।
व्यापारी नेता के भाषण पर हंगामा
परिचर्चा के दौरान व्यापारी नेता सुरेंद्र सिंह गौर ने अपनी बात रखने के लिए मंच पर आने की बात कही। यह सुनकर संचालन कर रहे पीके वर्मा ने उन्हें मंच पर आने का इशारा कर दिया। जैसे ही वह मंच पर पहुंचे तो भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण शास्त्री ने उनसे मंच से नीचे उतरने को कहा। भाजपा जिलाध्यक्ष का कहना था कि एक व्यवस्था के तहत मंच पर चुनिंदा लोग बैठे हैं। अन्य सभी व्यापारी सामने से ही अपनी बात रख रहे हैं। इस पर सुरेंद्र सिंह गौर मंच से नीचे उतर आए। दरअसल जब सुरेंद्र सिंह गौर को बोलने का मौका दिया गया तो उन्होंने बीती 30 जून का आयोजित बंद की सफलता को लेकर बोलना शुरू कर दिया। इस पर उनसे कहा गया कि जीएसटी पर परिचर्चा हो रही है, न कि भाषणबाजी।
आजम खां बड़बोले हैं
परिचर्चा के बाद पत्रकाराें से बातचीत में उनसे सवाल किया गया कि सपा नेता पूर्व मंत्री आजम खां आए दिन कुछ न कुछ विवादास्पद बयान दे देते है। बीते दिनाें आजम खां के सेना को लेकर दिए गए बयान का उल्लेख भी किया गया। इस पर राज्यमंत्री अनिल राजभर के बोल बिगड़ गए। उन्होंने कहा कि आजम खां बड़बोले हैं तो वह क्या करें।