जन सूचना अधिकार अधिनियम के लंबित प्रकरणों की सुनवाई के दौरान दो प्रकरणों में अनुपस्थित रहने पर तहसीलदार शाहाबाद पर 25-25 हजार कुल 50 हजार का आर्थिक दंड दिया गया। राज्य सूचना आयुक्त अरविंद सिंह विष्ठ ने कहा कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि न्याय प्रासंगिक, समयबद्ध व त्वरित होना चाहिए। उन्होंने बुधवार को 97 प्रकरणों की सुनवाई करते हुए 86 प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण मौके पर ही कराया। चार मामलों की सुनवाई गुरुवार को की जाएगी। शेष 07 प्रकरणों के निस्तारण के लिए 30 मई की तिथि देते हुए संबंधित अधिकारियों को सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।