संडीला। औद्योगिक क्षेत्र में संचालित सिंथेटिक दूध की फैक्टरी को शुक्रवार रात भाकियू पदाधिकारियों ने पकड़ लिया। सूचना पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम पहुंची और जांच-पड़ताल की। डेयरी में 17 हजार लीटर सिंथेटिक दूध मिला। दो ड्रम में रिफाइंड ऑयल, दूध में मिठास लाने वाला सार्विटाल केमिकल पांच ड्रम में करीब एक हजार लीटर मिला। टीम ने सिंथेटिक दूध के पांच नमूने लेकर इसे नष्ट करा दिया।
औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में दूध डेयरियां हैं। प्रतिदिन हजारों लीटर दूध की आपूर्ति यहां से होती है। शुक्रवार रात भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह साथियों के साथ एक वाहन का पीछा करते हुए औद्योगिक क्षेत्र स्थित अभिषेक दूध डेयरी में पहुंचे। वाहन से आए लोगों के साथ भाकियू पदाधिकारी भी डेयरी के अंदर चले गए। भाकियू जिलाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने वहां पर देखा कि बड़ी मात्रा में सिंथेटिक दूध बनाया जा रहा है। उन लोगों को देखकर डेयरी में काम कर रहे कर्मचारी भाग गए।
भाकियू पदाधिकारियों ने डेयरी में सिंथेटिक दूध बनाए जाने की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी। करीब तीन घंटे बाद जिला मुख्यालय से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम डेयरी पहुंची। सहायक आयुक्त खाद्य सतीश कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिरुद्घ गंगवार, राम किशोर, खुशीराम, अजित सिंह व सुभाष मौर्य ने कताई मिल चौकी इंचार्ज अजीम खान आदि के साथ डेयरी में जांच की।
सहायक आयुक्त ने बताया कि अभिषेक डेयरी का संचालन नवीन मिश्रा निवासी जानकीपुरम लखनऊ करता है। इसकी डेयरी से 17 हजार लीटर सिंथेटिक दूध मिला है। इसी के साथ दूध बनाने में उपयोग में लाया जाने वाला सार्विटाल केमिकल पांच ड्रम में करीब 1,000 लीटर मिला। दो ड्रम में 400 लीटर रिफाइंड ऑयल, पांच बोरी में करीब 100 किलोग्राम पाउडर भी बरामद हुआ। बताया कि सिंथेटिक दूध का सैंपल लेने के बाद इसे नष्ट कर दिया गया। 50 रुपये लीटर के हिसाब से बरामद सिंथेटिक दूध की अनुमानित कीमत करीब साढ़े आठ लाख रुपये बताई गई है। बताया कि जांच के लिए दूध के दो व अन्य सामग्रियों का एक-एक नमूना लिया गया है। इसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।