हरदोई। गांवों में तैनात सफाई कर्मचारियों ने स्कूलों की सफाई करने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि गाइड लाइन में यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें स्कूल परिसर को साफ करना है या नहीं। रसोइयों ने भी गाइड लाइन का हवाला देते हुए सिर्फ किचन की ही सफाई करने की बात कही। अब स्कूलों की सफाई या तो शिक्षक करें या फिर विद्यार्थी, क्योंकि विद्यालयों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी नहीं मिले हैं।
गांवों को स्वच्छ रखने के लिए सफाई कर्मियों की नियुक्ति की गई है। सफाई कर्मियों को गांव भर में सफाई के निर्देश दिए गए लेकिन सफाई कर्मी विद्यालय में सफाई नहीं करते हैं। सफाई कर्मियों का कहना है कि उनकी गाइड लाइन में नहीं है। उन्हें गांव और विद्यालय परिसर के बाहर सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन विद्यालय के अंदर सफाई करने का कोई आदेश नहीं है।
ऐसे में अब सवा माह की गर्मी की छुट्टी के बाद स्कूल खुले हैं तो स्कूलों में काफी गंदगी फैली हुई है। अब स्कूलों में सफाई या तो बच्चे करें या फिर शिक्षक। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में चपरासी तक नियुक्त नहीं किए।
चार हजार विद्यालयों में नहीं होती सफाई
जनपद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक चार हजार विद्यालयों में सफाई नहीं होती है। विद्यालय के शिक्षक अपने खर्च पर किसी कर्मी से सफाई करवाते हैं या फिर कहीं कहीं बच्चों से भी झाडू लगवाने की बात सामने आती है। बच्चों से झाड़ू लगवाने में शिक्षकों की निंदा भी होती है।
अधिकारियों के वर्जन
सफाई कर्मियों को पूरे गांव में साफ करनी है, स्कूल भी गांव की ही संपत्ति हैं लेकिन सफाई कर्मी विद्यालयों की सफाई नहीं कर रहे हैं। यह स्थिति उचित नहीं है उन्होंने गाइड लाइन का हवाला दिया है जिसका संज्ञान लेकर जैसा उचित होगा कराया जाएगा। - सभाजीत पांडेय, डीपीआरओ हरदोई
जिन विद्यालयों में बारिश का पानी भर गया है और वहां साफ सफाई की व्यवस्था भी ठीक नहीं है ऐसे विद्यालयों में पानी निकलवाने की व्यवस्था कर सफाई करवाई जाएगी। -डा. मसीहुज्जमा सिद्दीकी, बीएसए
केस नंबर:1:
शहर के सुभाष नगर के प्राथमिक विद्यालय में बारिश की वजह से पानी भर गया, चपरासी तो है नहीं ऐसे में सफाई नहीं हो सकी। विद्यालय में सफाई न होने से तमाम बच्चे भी स्कूल नहीं गए।
केस नंबर:2:
शहर का धर्मशाला रोड स्थित बहरा सौदागर का विद्यालय तालाब बन गया। पानी निकासी की व्यवस्था न होने से बारिश के दिनों में यह समस्या आम है। उधर विद्यालय में सफाई व्यवस्था भी भगवान भरोसे है।
केस नंबर:3:
सिनेमा चौराहा स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय बहरा सौदागर में पानी भरने से शिक्षक और बच्चे परेशान हैं। साथ ही विद्यालय में खड़ी घास व झाड़ियां काटने के लिए कोई नहीं है। जिससे स्थिति भयावह है।
केस नंबर:4:
पुलिस लाइन स्थित प्राथमिक विद्यालय जलासरपुरवा में तो विद्यालय परिसर में झाड़ियां बड़ी हो गई हैं। बारिश के दिनों में कोई जहरीला कीड़ा काटने का डर बना रहता है। फिर भी जिम्मेदार बच्चों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।