संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। बिलग्राम के दुर्गागंज निवासी थलसेना के एएससी 520 बटालियन के सूबेदार रजनीश बाजपेयी की पांचवें दिन सोमवार तक कोई खोज व पहचान नहीं हो सकी है। उनके चाचा व भाई सिलीगुड़ी, बागडोगरा व बिनागुड़ी में सैन्य अफसरों के साथ लगातार पहचान में जुटे हुए हैं।
दुर्गागंज निवासी सूबेदार रजनीश बाजपेयी तीन अक्तूबर की रात में सिक्किम में बादल फटने की घटना के बाद से लापता हैं। गुरुवार रात सैन्य अधिकारी के फोन के बाद से रजनीश के चाचा मोहित वाजपेयी व भाई सत्यम वाजपेई बागडोगरा गए हैं।
मोहित बाजपेयी ने बताया कि शुक्रवार से वह सैन्य अधिकारियों के साथ बागडोगरा, सिलीगुड़ी व बिनागुड़ी में उन सभी स्थानों पर जा रहे हैं, जहां पर बादल फटने के कारण आम लोग व सैनिकों के शव मिल रहे हैं। सोमवार शाम तक रजनीश की न तो कोई खोज हो पाई है और जो शव मिले हैं उनमें से पहचान हो पाई है। अभी स्थिति असमंजस की बनी हुई है।