जूनियर हाईस्कूल की छात्राओं को जूडो-कराटे सिखाकर आत्मनिर्भर बनाने की प्रशासनिक कवायद को अब अमली जामा पहनाया जा रहा है। इस क्रम में बुधवार को कस्बे के जूनियर हाईस्कूल में एक सौ बालिकाओें को मार्शल आर्ट की शिक्षा दिलाने का आगाज हो गया।
शासन की ओर से जूनियर हाईस्कूल की एक सैकड़ा बालिकाओं को जूडो कराटे की कला के जरिए आत्म निर्भर बनाने के उद्देश्य से स्कूलों में प्रशिक्षिकाओं की तैनाती के साथ ही जूडो कराटे की ड्रेस, किक बैग आदि उपलब्ध कराए गए। बुधवार को स्थानीय जूनियर हाईस्कूल परिसर में विद्यालय की एक सैकड़ा छात्राओं का चयन कर उन्हें ड्रेस व अन्य सामग्री उपलब्ध कराई गई।
प्रशिक्षिका अनामिका तिवारी ने बच्चियों को दुश्मनों से बचने, बचाव करते हुए हमले की कला सिखाई। उन्होंने पहले दिन की शिक्षा का आगाज जूडो कराटे के इतिहास और उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए किया। उन्होंने सिखाया कि इसका प्रयोग करें, दुरुपयोग नहीं।
आए दिन सामने आ रही घटनाओें से बचाव के लिए इस कला को उन्होंने बेहतर हथियार बताया। प्रधानाचार्य रामरघुवीर ने बताया कि सप्ताह में तीन दिन सोमवार, मंगलवार व बुधवार को को बालिकाओं को जूडो कराटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस दौरान अभिाभवक संघ के अध्यक्ष प्रियंक दीक्षित, अनिल कुमार, रामजी दीक्षित, सोनी, बबिता आदि मौजूद रहे। अभिभावक संघ ने मांग की है कि शेष रह जाने वाली 36 बच्चियों के लिए भी प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए।