हरदोई। शहर के न्यू सिविल लाइन में बने अनुसूचित जाति छात्रावास में रह रहे छात्र बुधवार को सामान समेट कर पलायन कर गए। उनका कहना था कि लिपिक के मारपीट करने के बाद डीएम को प्रार्थना-पत्र दिया था। उन्होंने छात्रावास खाली न कराए जाने का आश्वासन दिया था। लेकिन इसके दूसरे दिन ही पुलिस ने सामान कमरों से बाहर फेंक दिया था। छात्रों का कहना था कि वह लोग पढ़ाई करने आए हैं। लड़ाई झगड़ा व फसाद करने नहीं।
छात्रावास में छह कमरे बने हैं, जो कि एक पूर्व सांसद ने अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए बनवाए थे। छात्रावास को लेकर कुछ दिनों से यहां पर रह रहे छात्रों व विद्यालय के लिपिक से विवाद हुआ था। बताते चलें कि छात्रावास में जनता जूनियर हाईस्कूल व प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहा है। इसको लेकर छात्रों का कहना था कि लिपिक ने एक कमरे को किराए पर उठा रखा है, तथा अन्य कमरों को भी किराए पर उठाना चाहता है।
इस संबंध में गुरु रविदास स्मारक समिति की तरफ से डीएम व एसपी को शिकायती पत्र दिया गया था। जिसमें छात्रों के अवैध रूप से छात्रावास में रहने की बात कही गई थी। समिति क ी तरफ से की गई शिकायत पर मंगलवार को पुलिस ने छात्रावास के कमरों से सामान फेंककर ताला लगा दिया था। इस बात से आक्रोशित छात्रों एसपी तिराहा के पास सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया था। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समझा बुझाकर शांत किया था। इस पर छात्रों ने देर रात तक रणनीति बनाई थी कि डीएम को प्रार्थना-पत्र देकर न्याय की गुहार लगाएंगे। लेकिन बुधवार को छात्रों ने अपने कदम पीछे खींचते हुए छात्रावास के बाहर पड़ा सामान समेट कर पलायन कर गए।