आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों के बच्चे भी निजी स्कूलों मेें पढ़ सकेंगे। इसको लेकर एक बार फिर से दुर्लभ एवं अलाभित समूह के बच्चों के लिए आवेदन 24 मई तक मांगे गए हैं। बीते वर्ष लगभग 840 छात्रों को इस ओर लाभ दिलाया गया था।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने बताया कि दुर्लभ और अलाभित समूह के छात्र-छात्राओं को निजी स्कूलों में पढ़ने के लिए आवेदन मांगे गए।
अभिभावकों को यह आवेदन ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों प्रकार से भरे जाने हैं। सामान्य वर्ग और पिछड़ी जाति के लिए आय प्रमाण पत्र भी देना होगा।
ब्लॉक स्तर पर बीआरसी केंद्र पर फार्म भरकर अभिभावक जमा कर सकते हैं। इसमें बीईओ की रिपोर्ट लगनी होगी।
आवेदनों की जांच बीईओ द्वारा की जाएगी। इसके बाद 28 मई को जिले में अन्य जिलों के साथ ही लाटरी निकाली जाएगी।
सही फार्मों का चयन किया जाएगा। उसके उपरांत बच्चों का चयन किया जाएगा। बीते वर्ष 840 बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ने का मौका मिला था।