भरावन (हरदोई)। अतरौली थाना क्षेत्र के ग्राम लालपुर में प्रेमिका से शादी करने के लिए रुपये कमाने की चाहत में फिरौती मांगने को युवक ने मंगलवार शाम को किसान के पुत्र का अपहरण कर लिया। रात में शोर मचाने पर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। उसका शव गड्डे में फेंककर पत्तियों से ढंक दिया। छात्र के पिता ने युवक पर शक जता तहरीर दी तो पुलिस ने बुधवार रात हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुकर्म के प्रयास की पुष्टि हुई है।
अतरौली थाना क्षेत्र के ग्राम लालपुर निवासी रामप्रसाद किसान है। उसका इकलौता पुत्र प्रियांशू (7) बंजरा प्राथमिक विद्यालय में कक्षा दो का छात्र था। रामप्रसाद ने बताया कि मंगलवार शाम बेटा प्रियांशू रामनगर मजरा सैयापुर निवासी सुनील पुत्र रामअवतार के साथ घेरवा बाजार गया था। सिंघाड़े लेने जाने के दौरान प्रियांशू की किसौरा तालाब के पास रहने वाले सुनील से पहचान हुई थी। बाजार से न लौटने पर प्रियांशू की काफी तलाश की गई लेकिन उसका पता न चला। इस पर उसने सुनील पर अपहरण का शक जता पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने बुधवार रात सुनील को हिरासत में ले लिया। सुनील ने बताया कि उसने मंगलवार रात ही शोर मचाने पर प्रियांशू की हत्या उसकी ही बनियान से गला दबाकर कर दी और शव को ग्राम लालपुर में किसौरा तालाब के निकट यूकेलिप्टस के बाग में गड्ढा खोदकर दफन कर दिया। पुलिस हत्यारोपी को लेकर मौके पर पहुंची तो प्रियांशू का शव मिला। एसपी आलोक प्रियदर्शी और एएसपी पूर्वी कुंवर ज्ञानंजय सिंह भी मौके पर पहुंच गए। अतरौली के प्रभारी निरीक्षक उमाशंकर उत्तम ने बताया कि कुछ माह पूर्व सुनील उन्नाव जनपद के अचलगंज थाना क्षेत्र के एक गांव से लड़की को प्रेम प्रसंग में साथ ले आया था। लड़की के परिजनों ने सुनील को नसीहत दी थी कि कोई काम धंधा करे और रोजगार मिल जाने पर शादी कर देंगे। इसी के कारण उसने प्रियांशू का अपहरण किया, लेकिन पोल खुलने की डर से बच्चे की हत्या कर दी।
सिंघाड़े खिलाने के बहाने किया था अपहरण
हरदोई। अतरौली थाना क्षेत्र के ग्राम लालपुर निवासी कक्षा दो के छात्र प्रियांशू की हत्या करने वाले ने पुलिस को जो कुछ बताया उससे हर कोई दहल गया। उसने सिंघाड़े खिलाने के बहाने प्रियांशू का अपहरण किया। घर से अधिक दूर आने पर प्रियांशू ने चिल्लाना शुरू कर दिया। पोल खुलने के डर से हत्यारोपी ने वहीं पर प्रियांशू की गला घोटकर हत्या कर दी।
अतरौली के प्रभारी निरीक्षक उमाशंकर उत्तम के मुताबिक पूछताछ में हत्यारोपी सुनील ने पुलिस को बताया कि उसका प्रेम प्रसंग उन्नाव जनपद के अचलगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती के साथ है। कुछ माह पहले वह युवती को अपने साथ अपने गांव रामनगर थाना अतरौली ले आया था, लेकिन युवती के भाई उसे ढूंढते हुए गांव पहुंच गए थे। सुलह-समझौते के बाद युवती को वापस भेज दिया गया था। तब युवती के परिजनों ने सुनील से कहा था कि वह बेरोजगार है। कोई रोजगार कर ले। परिवार चलाने लायक रुपये एकत्र कर ले तो शादी भी करा दी जाएगी। इसके बाद सुनील ग्राम लालपुर में किसौरा तालाब में पड़े सिंघाड़ों की निगरानी करने लगा। तालाब में सिंघाड़े की फसल डालने वाले ने उसे कुछ रुपये देने का आश्वासन दिया था, लेकिन जल्दी रुपये कमाने और प्रेमिका से शादी करने की चाहत में उसने अपहरण कर फिरौती मांगने की योजना बनाई थी। लापता छात्र का शव मिलने के बाद पुलिस को माहौल बिगड़ने की आशंका थी। इसके मद्देनजर पुलिस ने खासी सतर्कता बरती और संडीला व बेनीगंज कोतवाली पुलिस भी बुला ली। शव मिलने की सूचना पर सीओ संडीला अमित किशोर श्रीवास्तव भी पहुंच गए। बाद में कछौना कोतवाली का पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया।
चार बहनों के बीच अकेला भाई था प्रियांशू
प्रियांशू का शव बरामद होते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। पिता रामप्रसाद के अलावा मां शीला बदहवास हो गई। प्रियांशू चार बहनों के बीच अकेला भाई था। परिवार में उससे बड़ी बहन शालिनी, मधु, निधि और एक छोटी बहन पुच्ची है।