हरदोई। बुधवार की देर रात करीब डेढ़ बजे आई आंधी और बारिश ने आधे घंटे में ही तांडव मचा दिया। साढ़े 15 घंटे चार विद्युत उपकेंद्र ठप रहे। करीब पौन घंटे तक तेज हवा के साथ बारिश हुई। मौसम वेधशाला प्रेक्षक जयशंकर मिश्र के अनुसार 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और कुल 7.5 मिमी पानी बरसा। भारी भरकम पेड़ और बिजली के खंभे जड़ से उखड़ गए। जिस वजह से आधे से अधिक शहर समेत तमाम ग्रामीण इलाकों की बिजली गुल हो गई। शहर में कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर तारों पर जा गिरे। जिस वजह से करीब 60 हजार लोगों की आबादी को देर रात डेढ़ बजे से गुरुवार की शाम तक बिजली आपूर्ति नहीं मिल सकी।
विद्युत विभाग ने सुबह होते ही काम शुरू करा दिया लेकिन कई स्थानों पर खंभे और तार टूटने की वजह से पूरा दिन लग गया। विद्युत सप्लाई न होने से प्रभावित मोहल्लों में जल संकट भी बन गया। लोग पानी के लिए सुबह से ही हैंडपंपों पर लाइन लगाए देखे गए। रोजेदारों को तो और भी अधिक परेशानी उठानी पड़ी। रोजेदारों को सहरी के वक्त भी बिजली और पानी नहीं मिला और दिन में भी बिजली न होने से गर्मी से रोजेदार परेशान रहे। उधर, देर रात से बिजली गुल होने से घरों में लगे इन्वर्टर भी बंद हो गए। करीब पौने तीन बजे मन्नापुरवा उपकेंद्र से आपूर्ति सुचारु की गई तो सिटी उपकेंद्र सहित आशा नगर, कोयल बाग कालोनी और चरौली उपकेंद्र की बिजली सुचारु नहीं हो सकी। चारों उपकेंद्र ठप होने से शहर की करीब 60 हजार आबादी और चरौली उपकेंद्र से जुडे़ ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को साढ़े 15 घंटे बाद गुरुवार को शाम पांच बजे तक बिजली बंद रही।
आंधी-बारिश से गिरा तापमान
बुधवार की देर रात करीब डेढ़ बजे आई आंधी से तापमान गिर गया है। रात में बारिश की वजह से वातावरण में नमी रही और पुरवा हवा चलने के कारण उमस बरकरार रही। बुधवार को अधिकतम तापमान 39.0 और न्यूनतम 26.6 डिग्री सेंटीग्रेड रहा था तो गुरुवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेंटीग्रेड रहा जबकि न्यूनतम तापमान भी 22 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया गया।
पेड़ टूटने से तार टूटे
हरदोई। सिटी उपकेंद्र से ही अन्य तीन उपकेंद्र कोयल बाग कालोनी, आशा नगर और चरौली को विद्युत सप्लाई की जाती है। लखनऊ रोड पर मेजबान ढाबे के पास पेड़ गिरने से चार विद्युत पोल सहित इंसुलेटर और क्रास आर्म टूट गए। जिस वजह से मेन सप्लाई फेल हो गई। इसके अलावा अस्पताल रोड पर दो पेड़ टूटने से तार टूट गए। उधर पिहानी चुंगी के आगे भी पेड़ टूटने से तार टूट गए व पोल क्षतिग्रस्त हो गए।