न्यायालय में डीजीसी फौजदारी के यहां तैनात स्टेनो की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। उनके जहर खाने की आशंका जताई जा रही है। कोतवाल ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही है।
शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला आशा नगर निवासी दिनेश चंद्र त्रिवेदी (56) पुत्र प्रेम सागर डीजीसी फौजदारी देवेंद्र वर्मा के यहां स्टेनो थे। डीजीसी के यहां वह दूसरी मंजिल पर बने दफ्तर में बैठते हैं। शनिवार सुबह 10 बजे वह दफ्तर पहुंचे थे। 11:30 बजे अचानक उन्हें उल्टी आई और हालत बिगड़ गई। डीजीसी भी पहुंच गए और परिजनों को सूचना देकर उन्हें जिला अस्पताल ले गए। बेटा आशुतोष भी पहुंच गया। डॉक्टर ने उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। ट्रामा सेंटर में उनकी मौत हो गई। मौत के कारणों को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। चर्चा है कि पिछले चार महीना से उनकी तनखाह नहीं मिली थी। इसके चलते वह काफी परेशान थे। इसके कारण वह जहरीला पदार्थ खाकर दफ्तर पहुंचे थे। ये भी बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनोें से उनका स्वास्थ्य खराब रहता था। इससे वह मानसिक रूप से परेशान थे। जिला अस्पताल के डॉ. सुबोध ने जहरीला पदार्थ खाने की पुष्टि की थी। मृतक के परिवार में दो बेटियां मीनाक्षी, साक्षी और बेटे आशुतोष व अतुल हैं। खबर लिखे जाने तक शव लखनऊ से शहर नहीं लाया गया था। कोतवाल भगवान सिंह ने बताया कि अभी परिजनों की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है।