सरकार पोषण को लेकर दावे कितने ही करे, जिले के हालात बहुत आश्वस्त करते नहीं दिखते। सरकारी आंकड़े ही व्यवस्था को आईना दिखा रहे हैं। हकीकत में स्थिति ज्यादा खराब है। वजन दिवस के दौरान दो चरणों में 3930 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 447120 बच्चों का वजन लिया गया है। इनमें 38327 बच्चे अतिकुपोषित मिले हैं। जबकि 105510 बच्चे कुपोषित पाए गए।
जिलाधिकारी विवेक वार्ष्णेय ने बताया कि 10 दिसंबर को प्रथम चरण में विकास खंड संडीला, कछौना, बेहन्दर, सुरसा, हरियावां, टड़ियावां, टोडरपुर, माधौगंज, सांडी व भरखनी के 1913 आंगनबाड़ी केंद्रों पर चिह्नित 2,34,597 बच्चों में से 2,25,950 बच्चों का वजन लिया गया।
जिसमें 19,423 अतिकुपोषित और 59482 कुपोषित बच्चे चिह्नित हुए है। दूसरे चरण में 13 दिसंबर को विकास खंड भरावन, कोथावां, अहिरोरी, बावन, पिहानी, शाहाबाद, मल्लावां, बिलग्राम, हरपालपुर, हरदोई शहर के 2017 आंगनबाड़ी केंद्रों पर चिह्नित 2,29,009 बच्चों में से 2,21,170 बच्चों का वजन लिया गया है।
जिसमें 18,904 अतिकुपोषित और 46028 कुपोषित बच्चे चिह्नित किए गए। डीएम ने बताया कि दोनो चरणों में हुए वजन दिवस में 463606 बच्चे पंजीकृत थे। जिनमें कुल 447120 बच्चों का वजन लिया गया है।
इसमें 303283 सामान्य, 105510 कुपोषित और 38327 अतिकुपोषित बच्चे चिह्नित किए गए है। डीएम ने सीएमओ व डीपीओ को चिह्नित किए गए अतिकुपोषित बच्चों को पोषण स्तर में सुधार लाकर कुपोषणमुक्त करने के निर्देश दिए हैं।