राज्य कर्मचारियों ने मंगलवार को भी कमल बंद हड़ताल कर धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने राज्य सरकार पर मांगें पूरा न करने का आरोप लगाया और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का भी विरोध जताया। कलेक्ट्रेट में हुए धरना प्रदर्शन में तमाम विभागों के कर्मी एकजुट हुए और एकत्रित होकर नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। बुधवार को भी कलम बंद हड़ताल रहेगी। इससे पहले राज्य कर्मचारियों ने सोमवार को मोटर साइकिल रैली निकाल कर विरोध जताया था।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के केंद्रीय आह्वान पर कर्मचारियों ने आंदोलन छेड़ा है। मंगलवार को विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने अपने कार्यालय में काम बंद कर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। सभा की अध्यक्षता कर जिलाध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि राज्य सरकार हठधर्मिता पर अड़ी है। तमाम मांग व प्रदर्शन के बावजूद कर्मचारियों की मांगों का निस्तारण नहीं किया गया।
केंद्र के समान वेतन व भत्ता नहीं मिला तो वह लोग आंदोलन करते रहेंगे। कहा सांतवे वेतन आयेाग की सिफारिशों में कर्मचारियों की हितों पर कुठाराघात किया गया। संचालन करते हुए मंत्री शिव गोपाल सिंह ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा करने पर ध्यान नहीं दे रही है तो वह लोग भी काम प्रभावित रखेंगे। सरकार को मांगे मानने पर मजबूर किया जाएगा। संरक्षक राजकुमार कपिल ने कहा कि कलमबंद हड़ताल जनपद में सफल हुई, बुधवार को हड़ताल व सभा का आयोजन जिला अस्पताल में होगा।
कर्मचारियों ने एकत्रित होकर नगर मजिस्ट्रेट जितेंद्र मोहन को ज्ञापन सौंपा है। इस मौके पर सुधाकर त्रिपाठी, नीलम दीक्षित, सुमन देवी, सिद्धार्थ प्रभाकर, राजेंद्र सिंह यादव, शलभ गुप्ता, अशोक कुमार वर्मा समेत तमाम विभागों के कर्मी मौजूद रहे।