बेनीगंज। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जरौआ से अपहृत बालक का अभी तक पता नहीं चल सका है। शुक्रवार को पुलिस ने डॉग स्क्वाड, क्राइम ब्रांच व सर्विलांस टीम के साथ क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। एसपी अनुराग वत्स भी मौके पर डटे रहे।
ग्राम चपरतला निवासी प्रमोद सिंह की पत्नी दीपा 10 दिन पूर्व बेटी व आठ वर्षीय बेटे रुद्रप्रताप सिंह के साथ ग्राम जरौआ स्थित मायके आई थी। बुधवार दोपहर रुद्रप्रताप खेलते-खेलते घर के बाहर से लापता हो गया था। काफी तलाश के बाद भी उसका पता न चलने पर मामा दिलीप सिंह ने गांव के ही कुछ लोगों से रंजिश होने व भांजे के अपहरण की आशंका जता कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने गुरुवार को एक के बाद एक कई घरों की तलाशी ली थी। लेकिन रुद्र का कहीं पता नहीं चल सका। बालक को सकुशल तलाशने के लिए एसपी अनुराग वत्स ने सात टीमें गठित की हैं। शुक्रवार सुबह क्राइम ब्रांच, लखनऊ आईजी कार्यालय से आई टीम ने डॉग स्क्वाड की मदद से गांव में व आसपास बालक को तलाश किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
एसपी अनुराग वत्स ने भी अधिकारियों के साथ गांव पहुंच कर जांच की और मातहतों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कोतवाली पुलिस, क्राइम ब्रांच व लखनऊ से आई टीम समेत एएसपी पश्चिमी कपिल देव व सीओ हरियावां एसआर कुशवाहा ने परिजनों से बात की। इसके साथ ही दिलीप के घर, आसपास के तालाब, बाग, खाली पड़े घरों व झाड़ियों के पास तलाशी ली गई।
एक दर्जन से अधिक संदिग्ध हिरासत में
बालक रुद्र प्रताप के अपहृत होने के मामले में पुलिस ने एक दर्जन से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
अपहर्ता का मैसेज आने की चर्चा
चर्चा है कि गुरुवार दोपहर अपहर्ता ने घर के ही एक सदस्य के मोबाइल फोन पर लगभग 11 बजे मैसेज कर रात दस बजे तक जनपद सीतापुर बुलाया था। इसके कुछ देर बाद एक और मैसेज आया। परिजनों ने उस नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया तो मोबाइल बंद आया। हालांकि पुलिस इस संबंध में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। कोतवाल राजकरन शर्मा ने कहा कि जांच की जा रही है।