-हरदोई। विवेचना में लापरवाही करना संडीला कोतवाली में तैनात एक उपनिरीक्षक के लिए मुसीबत का सबब बन गया। संडीला कोतवाली में दर्ज एक मामले की विवेचना डेढ़ माह से अधिक बीत जाने पर भी पूरी न होने पर उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है।
शुक्रवार की रात एसपी नीरज कुमार जादौन ने संडीला कोतवाली में अर्दली रूम लिया था। इस दौरान उन्होंने सभी बिंदुओं पर समीक्षा की थी। इस दौरान पता चला था कि उन्नाव जिले के आसीवन थाना क्षेत्र के पेशारी गांव निवासी प्रशांत से एक जुलाई संडीला कोतवाली क्षेत्र में दूध की केन भरी एक पिकअप लूट ली गई थी। कुछ रुपये भी लूटे गए थे। लुटेरों ने कुछ दूर जाकर पिकअप छोड़ दी थी। पुलिस ने पिकअप बरामद कर ली थी और विवेचना के दौरान छह लोगों के नाम सामने आए थे। इनमें से चार का गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, लेकिन यूनुस और सद्दाम नाम के दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे। इन दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। इसके बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। मामले की विवेचना अरविंद कुमार यादव कर रहे थे। एसपी ने सीओ संडीला सतेंद्र सिंह से पूरी रिपोर्ट मांगी और रविवार को अरविंद कुमार यादव को निलंबित कर दिया। घटना की जांच सीओ अपराध को सौंपी गई है। सात दिन के अंदर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
34 दिन में 22 पुलिस कर्मी निलंबित :
एसपी नीरज कुमार जादौन ने 14 जुलाई की रात जिले में कार्यभार संभाला था। इसके पांच दिन बाद ही कार्रवाई का दौर शुरू हो गया था। 19 जुलाई को एक उपनिरीक्षक और एक दीवान को निलंबित किया गया था। इसके बाद 21 जुलाई को एसपी ने अपने ही गनर दिनेश कुमार को निलंबित कर दिया था। इसी तरह 22 जुलाई को एक दरोगा और एक सिपाही, 23 जुलाई को एक सिपाही, 26 जुलाई को एक दरोगा और एक दीवान, 4 अगस्त को दो उपनिरीक्षक, 7 अगस्त को एक दीवान, 8 अगस्त को सात पुलिस कर्मियों को एसपी ने निलंबित किया था। 11, 13, 16 और 17 अगस्त को भी एक एक पुलिस कर्मी को निलंबित किया गया है। निलंबित किए गए पुलिस कर्मियों में से सिर्फ एसपी के गनर रहे दिनेश कुमार की ही बहाली हुई है। दिनेश का निलंबन बिना अनुमति के गैर जनपद जाने के कारण हुआ था।