भादौं कृष्ण पक्ष की छठ को गुरुवार को जिले भर में
श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस पर्व को हर छठ के रूप में मां बेटों की
दीर्घायु की कामना की। माताओं ने विधि विधान से पूजन अर्चन और कथा आदि कहकर
पुत्रों की दीर्घायु की कामना की।
पुरोहितों और शास्त्रियों के अनुसार
हरछठ का त्योहार भादौं कृष्ण पक्ष की छठ को मनाया जाता है। इसी दिन कृष्ण
के बड़े भाई बलराम का जन्म हुआ था। यह व्रत पुत्रवती स्त्रियां ही करती
हैं। इस व्रत में हल चली हुई यानी जमीन का बोया जोता अनाज, गाय का घी और
दूध आदि खाने पर भी पूर्णता पाबंदी होती है।
इस व्रत में पेड़ों के फल बिना
बोया अनाज आदि खाने का विधान है। इस ओर आचार्यों का कहना है कि इस दिन
पूर्ण विधिविधान से यदि मां हरछठ का व्रत करें तो निश्चित रूप से उनके
पुत्रों को दीर्घायु प्राप्त होती है। जिले भर में इस त्योहार को
श्रद्धापूर्वक मनाया गया।