हरदोई। जिले में जांच के बाद दो डेंगू के मरीजे मिले हैं। जिनमें एक प्रधान का पुत्र और दूसरा शहर के डॉक्टर की भतीजी है। जिला अस्पताल के जिम्मेदारों ने भी इन दोनों में डेंगू की पुष्टि की है।
शहर के लखनऊ रोड पर डॉ. सयुस खरे का आवास है। उनकी 19 साल की भतीजी पृष्ठी को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। जिसके बाद उसको उन्होंने दवाएं भी दी लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
रविवार को उसको फिर से बुखार होने की बात कहने पर उन्होंने जिला चिकित्सालय में उसकी डेंगू की जांच कराई। जांच के बाद उसका डेंगू परीक्षण एनएच पाजीटिव निकला। इसी तरह दूसरा डेंगू पाजीटिव बावन के ग्राम निजामपुर के प्रधान नाजिर के 25 वर्षीय पुत्र जमालुद्दीन में मिला।
जमालुद्दीन भी पिछले दो तीन दिन से बुखार होने एवं कमजोरी आने की शिकायत कर रहे थे। डॉक्टरों से दवाएं ली लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।रविवार को प्रधान ने अपने बेटे का डेंगू टेस्ट जिला चिकित्सालय की ब्लड बैंक में कराया।
जांच रिपोर्ट में उसके भी डेंगू पाजीटिव पाया गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक आरके मिश्रा ने बताया कि दोनों डेंगू पाजीटिव पाए गए हैं। दोनों को दवाओं के साथ एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
हरदोई नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन व कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष सुखसागर मिश्र मधुर व सवायजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर वंदना पंाडेय को डेंगू नहीं है। इसकी पुष्टि राज्य रक्त संचारी लैब लखनऊ ने जिला चिकित्सालय से भेजे गए सीरम की जांच के बाद की है। हालांकि जिला स्तर पर ब्लड बैंक में हुई जांच में दोनों डेंगू की प्राथमिक जांच में पाजीटिव पाए गए थे।
पूर्व चेयरमैन पालिका व कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष सुख सागर मिश्र का उनकी पत्नी डॉ. चित्रा मिश्रा ने तीन हफ्ते पहले ब्लड बैंक जिला चिकित्सालय में डेंगू टेस्ट कराया था। जिसमें वह डेंगू पाजीटिव पाए गए थे।
इसके अलावा उन्हीं दिनों में सवायजपुर के प्राथमिक विद्यालय में तैनात डॉ. वंदना पांडे की जांच में भी ब्लड बैंक से उनके डेंगू पाजीटिव होने की रिपोर्ट आई थी लेकिन जिला चिकित्सालय से उनका सीरम राज्य रक्त संचारी लैब लखनऊ जांच को भेजा गया। जिसमें इन दोनों मामलों में उनकी जांच निगेटिव पाई गई। हालांकि दोनों ही लोग अपना इलाज निजी अस्पतालों में करा रहे हैं।